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कैंची धाम में गूँजी 'जय बाबा की': अमेरिका से आए मैक्स के लिए 'घर वापसी' जैसा रहा स्थापना दिवस!

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  कैंची धाम के पावन आँगन में आज आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि जैसे पूरी दुनिया वहीं सिमट आई हो। बाबा नीब करोरी महाराज के स्थापना दिवस पर लाखों भक्तों की भीड़ के बीच एक चेहरा सबसे खास रहा—अमेरिका से आए भक्त मैक्स विलियम्स। आध्यात्मिक सफर: रामदास जी के शब्दों से जुड़ा नाता मैक्स की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। साल 2020 में, जब दुनिया थम सी गई थी, तब रामदास जी के व्याख्यानों ने मैक्स के जीवन की दिशा बदल दी। बाबा नीब करोरी के प्रति अटूट विश्वास ने उन्हें ऐसा बाँधा कि आज उनका पूरा जीवन ही बाबा की सेवा को समर्पित हो चुका है। "बाबा ने मुझे अपने घर वापस बुला लिया!" पहली बार कैंची धाम की देहरी पर कदम रखने वाले मैक्स की आँखों में भावुकता साफ झलक रही थी। अपने अनुभव को साझा करते हुए उन्होंने कहा: "यहाँ की मिट्टी में कुछ अलग ही जादू है। जैसे ही मैंने यहाँ कदम रखा, ऐसा लगा जैसे मैं किसी अंजानी जगह नहीं, बल्कि अपने घर वापस आ गया हूँ। बाबा ने मुझे बुला लिया है।" उन्होंने यहाँ की आत्मीयता और लोगों के प्रेम को देखकर कहा कि यहाँ का वातावरण उन्हें असीम शांति और अपनापन दे रहा है...

सुझाव: "क्या E85 पेट्रोल पर वाकई चींटियाँ और मधुमक्खियाँ आती हैं? वायरल दावों की सच्चाई और विज्ञान"

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वेब फास्ट न्यूज जयपुर आजकल सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि E85 (इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल) पर चींटियाँ और मधुमक्खियाँ आकर्षित होती हैं। इस खबर ने उन लोगों के बीच चिंता बढ़ा दी है जो अपनी गाड़ियों में इथेनॉल युक्त ईंधन का इस्तेमाल कर रहे हैं। लेकिन क्या यह दावा सच है? आइए आज की इस पोस्ट में हम इसकी वैज्ञानिक सच्चाई जानते हैं। क्या E85 मीठा होता है? सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि E85 क्या है। इसमें 85% इथेनॉल और 15% पेट्रोल होता है। लोगों को लगता है कि चूंकि इथेनॉल गन्ने या मक्के से बनता है, इसलिए यह मीठा होगा और कीड़ों को बुलाएगा। सच यह है: इथेनॉल जिस प्रक्रिया (फर्मेन्टेशन) से बनता है, उसके बाद वह पूरी तरह से एक शुद्ध 'अल्कोहल' बन जाता है। इसे 'डिनेचर्ड' (denatured) किया जाता है, जिसका अर्थ है कि इसे पीने या खाने योग्य नहीं रखा जाता। इसकी तीखी गंध और रासायनिक प्रकृति किसी भी जीव या कीड़े को आकर्षित करने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें दूर रखने के लिए होती है। तो फिर चींटियाँ क्यों दिखती हैं? अगर आपने कभी पेट्रोल पंप या अपनी गाड़ी के पा...

सावधान! 2050 तक एंटीबायोटिक हो जाएंगे बेअसर: सुपरबग्स से जुड़ी ये खबर आपको चौंका देगी

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नई दिल्ली क्या आप भी मामूली सर्दी-जुकाम होने पर डॉक्टर की सलाह के बिना एंटीबायोटिक दवाएं लेते हैं? अगर हाँ, तो यह खबर आपके लिए एक बड़ी चेतावनी है। हाल ही में किंग्स कॉलेज लंदन के वैज्ञानिकों ने एक शोध में चौंकाने वाला खुलासा किया है कि भविष्य में एंटीबायोटिक दवाएं बैक्टीरिया पर अपना असर खो सकती हैं। आइए जानते हैं कि यह खतरा कितना बड़ा है। क्या है यह सुपर बग का खतरा? वैज्ञानिकों के शोध के अनुसार, साल 2050 तक बैक्टीरिया में 210 ऐसे खतरनाक बदलाव (जीनोम म्यूटेशन) हो सकते हैं, जो आज की आधुनिक दवाओं को पूरी तरह बेअसर कर देंगे। शोध में 32 ऐसे 'सुपरबग्स' की पहचान की गई है, जो मनुष्यों, जानवरों और पर्यावरण के बीच बहुत तेजी से फैल रहे हैं। क्यों पड़ रही है दवाओं की जरूरत? विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने बार-बार चेतावनी दी है कि एंटीबायोटिक दवाओं का अंधाधुंध इस्तेमाल इन्हें कमजोर बना रहा है। जब हम छोटी-मोटी बीमारियों में इनका सेवन करते हैं, तो बैक्टीरिया इनके प्रति 'रेजिस्टेंस' (प्रतिरोध) विकसित कर लेते हैं। खतरे के प्रमुख कारण: एंटीबायोटिक दवाओं का बिना डॉक्टर की सलाह के सेवन। साफ-स...

आज की ताजा खबरें: 15 जून 2026

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  🌐 अंतरराष्ट्रीय खबरें अमेरिका-ईरान शांति समझौता: अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर सहमति बनी है। इस डील के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने और परमाणु कार्यक्रम से जुड़े प्रतिबंधों को हटाने पर चर्चा हुई है, जिसका कतर सहित कई देशों ने स्वागत किया है। G7 शिखर सम्मेलन: फ्रांस के इवियन (Evian) में 52वें G7 शिखर सम्मेलन की शुरुआत हुई है। भारत को 13वीं बार 'पार्टनर कंट्री' के रूप में आमंत्रित किया गया है। भारत-फ्रांस 'भारत इनोवेट्स 2026': प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीस में 'भारत इनोवेट्स 2026' कार्यक्रम का उद्घाटन किया। दोनों देशों ने डीप-टेक और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। 🇮🇳 राष्ट्रीय खबरें PM मोदी का स्लोवाकिया दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी यात्रा के क्रम में स्लोवाकिया के ब्रातिस्लावा पहुंचे। नोएडा एयरपोर्ट: नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से आज से कमर्शियल फ्लाइट्स की शुरुआत होने जा रही है। भारतीय सेना: सेना ने अपनी 'यूनिफॉर्म पॉलिसी-2026' का अनावरण किया है, जिसका उद्देश्य औपन...

वैज्ञानिकों ने बुढ़ापे को मात देने की दिशा में बढ़ाया कदम: सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग तकनीक में बड़ी सफलता।

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नई दिल्ली: चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में शोधकर्ताओं ने एक ऐसी अभूतपूर्व तकनीक विकसित की है, जो भविष्य में मानव स्वास्थ्य और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को पूरी तरह से बदल सकती है। 'सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग' (Cellular Reprogramming) तकनीक के जरिए वैज्ञानिक अब कोशिकाओं को उनकी पुरानी, थकी हुई अवस्था से वापस 'युवा' और स्वस्थ अवस्था में लाने में सक्षम हो रहे हैं। क्या है सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग? सरल शब्दों में, जिस तरह एक कंप्यूटर को रीसेट करके उसकी सेटिंग्स को मूल स्थिति में लाया जा सकता है, उसी तरह सेल्यूलर रीप्रोग्रामिंग कोशिकाओं के 'जैविक घड़ी' (Biological Clock) को रीसेट करने की प्रक्रिया है। शरीर की हर कोशिका में डीएनए होता है, लेकिन समय के साथ उन पर कुछ 'एपिसैनेटिक निशान' (Epigenetic markers) जमा हो जाते हैं, जो कोशिका के काम करने की क्षमता को कम कर देते हैं और बुढ़ापे के लक्षण पैदा करते हैं। वैज्ञानिक इन निशानों को मिटाकर कोशिका को फिर से जवान बना रहे हैं। इस तकनीक के मुख्य लाभ विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तकनीक सुरक्षित रूप से इंसानों पर लागू होती ह...

विशेष रिपोर्ट: क्या आपकी जेब में मौजूद 'स्मार्टफोन' ही आपका सबसे बड़ा दुश्मन है?

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  नई दिल्ली | 14 जून, 2026 आज के दौर में डिजिटल तकनीक ने हमारी जीवनशैली को आसान तो बनाया है, लेकिन साथ ही एक अदृश्य खतरा भी पैदा कर दिया है। यह खतरा है—'डिजिटल जासूस' (Spyware)। एक समय में जासूसी के लिए इंसान या हार्डवेयर उपकरणों की जरूरत होती थी, लेकिन अब आपका स्मार्टफोन ही आपकी जासूसी का सबसे बड़ा जरिया बन चुका है। क्या है 'डिजिटल जासूस' (Spyware)? डिजिटल जासूस एक प्रकार का मैलवेयर (दुर्भावनापूर्ण सॉफ्टवेयर) है जिसे उपयोगकर्ता की जानकारी के बिना उसके डिवाइस (मोबाइल या कंप्यूटर) में गुप्त रूप से इंस्टॉल किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य आपकी निजी जानकारी, चैट, कॉल रिकॉर्डिंग, लोकेशन और बैंक विवरण चुराना होता है। ये 'जासूस' कैसे काम करते हैं? ये ऐप्स आम तौर पर सामान्य ऐप्स के मुखौटे में आते हैं। इनके काम करने के तरीके कुछ इस प्रकार हैं: अनुमति (Permissions) का दुरुपयोग: कई ऐप्स इंस्टॉल करते समय आपसे कैमरा, माइक, गैलरी और लोकेशन की अनुमति मांगते हैं। डिजिटल जासूस इन्हीं अनुमतियों का फायदा उठाकर आपकी बातें सुन सकते हैं और आपको ट्रैक कर सकते हैं। फिशिंग लिंक: अक्सर...

कड़े पहरे में चल रही स्नातक स्तरीय परीक्षा–SSP नैनीताल डॉ० मंजूनाथ टी०सी० स्वयं ले रहे सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा

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 उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा जनपद नैनीताल में कड़े सुरक्षा पहरे व सतर्क निगरानी के बीच शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित की जा रही है। SSP नैनीताल डॉ0 मंजुनाथ टी०सी० स्वयं हल्द्वानी के एम० बी०पी० जी० कॉलेज सहित अन्य परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लेकर ड्यूटीरत पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। 👉 परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। सभी पुलिस कर्मियों को *अलर्ट मोड* पर रहकर अपनी ड्यूटी करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। 👉 सघन चेकिंग अभियान के तहत परीक्षार्थियों को *DFMD, HHMD से फ्रिस्किंग* प्रक्रिया पूर्ण की जा रही है। परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स के प्रवेश पर सख्त रोक लगाई गई। 👉 जनपद एलआईयू एवं एसओजी लगातार सक्रिय रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए रही है। साथ ही, परीक्षा केंद्रों के भीतर *CCTV कैमरों एवं वीडियो निगरानी* की विशेष व्यवस्था की गई है। 👉 सभी जोनल एवं सेक्टर पुलिस अधिकारी लगातार भ्रमणशील हैं। सभी परीक्षा केंद्रों का बार...

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