गर्व की बात: अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज की वैश्विक पहचान, 'ई-हॉस्पिस, लंदन' में मिली जगह!
अल्मोड़ा, उत्तराखण्ड: स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उत्तराखण्ड का नाम अब अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमक रहा है। सोबन सिंह जीना राजकीय आयुर्विज्ञान एवं शोध संस्थान (अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज) के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि सामने आई है। संस्थान के एनेस्थीसियोलॉजी विभाग द्वारा किए जा रहे 'दर्द एवं उपशामक चिकित्सा' (Pain and Palliative Care) के कार्यों को विश्व के प्रतिष्ठित डिजिटल मंच 'ई-हॉस्पिस' (E-Hospice), लंदन में प्रकाशित किया गया है। क्या है यह उपलब्धि? ई-हॉस्पिस, लंदन हॉस्पिस और पेलिएटिव केयर के क्षेत्र में काम करने वाला विश्व का अग्रणी मंच है। यहाँ केवल उन नवाचारों और कार्यों को स्थान मिलता है, जो वास्तव में समाज के लिए मिसाल बन रहे हों। अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज द्वारा पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों में जिस तरह से दर्द एवं उपशामक चिकित्सा को स्वास्थ्य सेवाओं का मुख्य हिस्सा बनाया गया है, उसे पूरी दुनिया के सामने एक मॉडल के रूप में सराहा गया है। रिपोर्ट में किन कार्यों को मिला स्थान? ई-हॉस्पिस की रिपोर्ट में अल्मोड़ा मेडिकल कॉलेज के निम्नलिखित नवाचारों का विशेष उल्लेख किया गया है: ...