अल्मोड़ा। यहाँ से एक दुखद घटना सामने आई हैं। जिला अस्पताल में सीने की दर्द की शिकायत पर पहुंचे व्यक्ति की जांच से पहले ही मौत हो गई। यदि जिला अस्पताल में हृदय रोग विशेषज्ञ होते तो शायद व्यक्ति की जान बच सकती थी।
गुरुवार को नगर के दुगालखोला निवासी 60 वर्षीय हरीश राम सीने में दर्द की शिकायत होने पर जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पर्ची कटवाई और फिजिशियन को दिखाया। फिजिशियन ने उन्हें कुछ जांच की सलाह दी। वह जांच के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। इस बीच वह अस्पताल परिसर में लगी बेंच पर बैठ गए। इस दौरान उन्हें दिल का दौरा पड़ा तो वहां अफरा-तफरी मच गई। आनन-फानन स्वास्थ्य कर्मी उन्हें इमरजेंसी कक्ष में ले गए।
फिजिशियन हरीश आर्या और उनकी टीम ने उनकी जान बचाने की कोशिश की लेकिन वे कामयाब नहीं हो सके। इमरजेंसी में पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई।
इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतरी के सभी दावों को फेल किया है। जिला अस्पताल में वर्षों से दिल के डॉक्टर का पद रिक्त है। फिजिशियन के भरोसे ऐसे मरीजों का इलाज हो रहा है। यदि अस्पताल में दिल के डॉक्टर तैनात होते तो हरीश को बेहतर इलाज मिल सकता था और उनकी जान बचाई जा सकती थी।
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