अल्मोड़ा: ढ़ोल नगाड़ो के साथ निकला पुतलों का जुलूस, रावण परिवार का हुआ दहन

अल्मोड़ा- शनिवार को नगरभर में दशहरा पर्व धूम रही। नगर में ढोल नगाड़ों के साथ रावण परिवार के पुतलों का जुलूस निकाला गया। सांस्कृ‌तिक नगरी अल्मोड़ा का दशहरा विश्व प्रसिद्ध माना जाता है। अल्मोड़ा के दशहरे का अपना अनूठा अंदाज़ है। यहाँ का दशहरा देखने देश विदेश से पर्यटक आते हैं। इस वर्ष भी दशहरा महोत्सव विगत वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार ही मनाया गया। नगर के सभी मोहल्लों से बनाए गए रावण परिवार के पुतले सर्वप्रथम नगरपालिका पार्किंग पर एकत्र हुए। जहाँ से पुतलों को ढोल नगाड़ों के साथ जुलूस की शक्ल में पूरे बाजार में घुमाया गया। बाजार से जुलूस के बाद पुतलों का दहन एसएसजे परिसर के जूलॉजी विभाग के प्रांगण में हुआ। पिछले वर्षों में पुतलों का दहन स्थानीय स्टेडियम में होता था परन्तु स्टेडियम में सुधारीकरण होने के बाद विगत वर्ष से वैकल्पिक व्यवस्था के तहत एसएसजे परिसर के जूलॉजी प्रांगण में पुतला दहन हो रहा है। स्थान की कमी के चलते इस वर्ष पुतलों की संख्या भी कम रही। जहाँ पिछले वर्ष तक रावण परिवार के दो दर्जन से अधिक पुलले बनते थे वहीं इस वर्ष यह संख्या 16 पर सिमट गई है।

अल्मोड़ा का दशहरा अपने आप में अलग इसलिए भी है यहाँ महीने भर पहले से हिन्दू के साथ मुस्लिम युवा मिलकर पुतलों का निर्माण करते हैं। अल्मोड़ा का दशहरा पहाड़ की संस्कृति की पहचान है। एक पुतले के साथ शुरू हुआ दशहरा एक वक्त दो दर्जन से अधिक पुतलों तक पहुंच गया था। पुतला दहन को स्थान की कमी के चलते इस साल यह संख्या 16 रही। पहले के समय में अल्मोड़ा में बिजली की व्यवस्था नहीं थी, तब मशालों से अल्मोड़ा के बद्रेश्वर में रामलीला की शुरुआत की गई थी। पहले रावण का ही पुतला बनता था फिर समय के साथ पुतलों की संख्या बढ़ती गई और आज लगभग सभी मोहल्लों में रावण परिवार के पुतले बनते हैं। प्रशासन भी इस दशहरा महोत्सव को बेहतर बनाने के लिए प्रयास कर रहा है। अल्मोड़ा का दशहरा महोत्सव को देखने के लिए देश ही नहीं विदेश से भी लोग यहां पहुंचते हैं। स्थान की कमी के चलते दशहरा समिति ने इस वर्ष दशहरा पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं किए। दशहरा महोत्सव समिति के अध्यक्ष अजीत कार्की ने बताया कि अगले वर्ष से यदि सड़क बन गई तो दशहरे के सभी कार्यक्रम जीआईसी अल्मोड़ा के मैदान में होंगे। दशहरा महोत्सव में समिति द्वारा पुतलों को प्रथम, द्वितीय व तृतीय पुरस्कार भी दिए गए। यहाँ दशहरा महोत्सव में समिति अध्यक्ष अजीत कार्की, सचिव वैभव पांडे, विधायक मनोज तिवारी, पालिकाध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी, संयोजक किशन लाल, हरीश कनवाल सहित गणमान्य व्यक्ति, जनप्रतिनिधि एवं भारी संख्या में दर्शक मौजूद रहे।

D S Sijwali

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