Latest news webfastnews
भद्रा का साया
आज पूर्णिमा तिथि की शुरुआत दोपहर 12 बजकर 23 मिनट पर होगी जिसका समापन कल 7 अक्टूबर की सुबह 9 बजकर 19 मिनट पर होगा. आज दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से लेकर रात को 10 बजकर 53 मिनट तक भद्रा का साया है। भद्रा काल को आमतौर पर शुभ नहीं माना जाता है। भद्रा काल में शुभ और मांगलिक कार्य करने की मनाही होती है। आपको इस दौरान खीर को चांद की रोशनी में नहीं रखना चाहिए।
चांद की रोशनी में खीर रखने का समय
भद्रा काल आज दोपहर 12 बजकर 23 मिनट से लेकर रात को 10 बजकर 53 मिनट तक लग रहा है। यानी आप आज रात 10 बजकर 53 मिनट पर भद्रा काल के समाप्त होने के बाद खीर आसमान के नीचे चांद की रोशनी में रख सकते हैं। आप इस खीर को छलनी से ढककर रातभर के लिए चांद की रोशनी में रखा रहने दें। इसके बाद अगले दिन खीर का मां लक्ष्मी को भोग लगाएं और प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
जंगल गई महिला को जंगली जानवर उठा ले गया, 4 किमी अंदर मिला अधखाया शव...
शिक्षा संकाय में 'युवा पीढ़ी, परिवार एवं विश्वशांति' विषय पर एकदिवसीय संगोष्ठी का आयोजन......
रेट्रो साइलेंसर से नगर में दहशत फैलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई, 04 बाइक सीज.....
Uttarakhand धामी सरकार में इन नेताओं को मिले दायित्व.....
Almora अल्मोड़ा: सुकना-पभ्या सड़क निर्माण में देरी पर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, जिलाधिकारी जी को…
Uttarakhand एकतरफा प्यार के चलते युवक ने खुद को मारी गोली.....