युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही धामी सरकार – कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने विश्वसनीयता पर उठाये सवाल

युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही धामी सरकार- कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) विश्वसनीयता पर उठाये सवाल
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अल्मोड़ा27 सितम्बर 2025 उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय भर्ती परीक्षा में हुए पेपर लीक के मामले ने राज्य सरकार की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए। आज मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने भाजपा की धामी सरकार को कठघरे में खड़ा किया धामी सरकार पर आरोप लगाया वह युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है मा,क,पा जिला सचिव ने कहा है कि
21 सितंबर 2025 को आयोजित हुई UKSSSC की इस परीक्षा में पेपर लीक का मामला तब सामने आया जब परीक्षा शुरू होने के कुछ ही देर बाद प्रश्नपत्र के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया । आरोप है कि परीक्षा माफियाओं के संरक्षण में हरिद्वार स्थित एक परीक्षा केन्द्र में मोबाइल फोन की सहायता से प्रश्नपत्र की फोटो खींचकर बाहर भेजी जो सरकारी संरक्षण के बिना सम्भव नहीं है । हैरानी की बात है कि जहाँ से पेपर लीक हुआ वहां जैम्मर व्यवस्था जानबुझकर नहीं की ग ई ताकि सरकार के संरक्षण में पल रहे नकल माफियाओं को लाभ पहुंचाया जा सके ।
पार्टी ने मांग की है
1. इस मामले ने सरकार द्वारा नकल रोकथाम के लिए बनाए गए कानून की धार को कमजोर कर दिया है। पूरे राज्य में युवाओं के द्वारा व्यापक विरोध प्रदर्शन किया जा रहा हैं और सरकार पर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ का आरोप लगाया गया है ।
2. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ” सरकार के द्वारा एसआईटी जांच करवाने के बजाय सीबीआई जांच करवानी चाहिए
3. जैमर न लगने जैसी चूकों ने परीक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों को उजागर किया है, जिससे आयोग और प्रशासन की क्षमता पर सवाल उठ रहे हैं इसलिये आयोग अध्यक्ष सहित परीक्षा व्यवस्था में लगे सभी जिम्मेदार लोगों को उनके पदों से हटाया जाना चाहिए ।
इस पर उन्होंने कहा पेपर लीक का मामला केवल एक भ्रष्टाचार का मामला नहीं, बल्कि एक सामाजिक अन्याय का मामला है, जो समाज के युवाओं, कमजोर और वंचित तबके के युवाओं के शिक्षा और रोजगार पाने के अवसरों को सबसे ज्यादा कुचलती हैं।
मा,क,पा जिला सचिव ने कहा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता और दोषियों पर कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही, इस बात पर जोर दे दिया हैं कि केवल छोटे मोहरे नहीं बल्कि पूरे तंत्र में मौजूद बड़े “मास्टरमाइंड” की पहचान की जाए ।
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनरत युवाओं की मांगों, जैसे कि सीबीआई जांच और पारदर्शी तरीके से परीक्षा दोबारा आयोजित करने, को एक मंच प्रदान करके उनके संघर्ष को वैधता को जायज ठहराया।
आरपी जोशी ने घटना के तात्कालिक समाधान के साथ-साथ, सभी भर्ती प्रक्रियाओं में व्यवस्थागत सुधारों की मांग की है। इनमें तकनीकी सुरक्षा उपायों को मजबूत करना और आयोग की कार्यप्रणाली में सुधार करते पारदर्शिता लाना ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

जारीकर्ता
आरपी जोशी
सचिव

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