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अच्छी बात: अब हिंदी में पढ़ाई कर बनेंगे डॉक्टर

भोपाल – हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है काउंसलिंग के बाद 15 नवंबर से एमबीबीएस के नए बैच के विद्यार्थियों को हिंदी की किताबों से पढ़ाया जाएगा इस कदम से उन हजारों विद्यार्थियों को राहत मिली है जो अंग्रेजी के भय से इस पाठ्यक्रम से दूर भागते थे अथवा दाखिले के बाद मुश्किल आने पर पार्टी काम छोड़ देते थे । अंग्रेजी नही आने की हीन भावना से आत्मघाती कदम उठाने वाले मामले भी सामने आते रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को भोपाल में एमबीबीएस के तीन विषयों की हिंदी में किताबों का लोकार्पण करते हुए कहा कि आज का दिन आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में भारत के चिकित्सा क्षेत्र के लिए बेहद अहम है जिसे सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। यह देश के शिक्षा के क्षेत्र में पुनर्जागरण का दिन है । मध्य प्रदेश के 97 डॉक्टरों की टीम ने 4 महीने तक रात दिन मेहनत कर अंग्रेजी की किताबों को हिंदी में रूपांतरण किया है इस टीम ने 24 घंटे सातों दिन लगाकर एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पांच किताबों का हिंदी में अनुवाद किया इस प्रक्रिया में तकनीकी और छात्रों के भविष्य की चुनौतियों का भी ख्याल रखा गया है। इन किताबों को ऐसे तैयार किया गया है, जिसमें शब्द के मायने हिंदी में ऐसे न बदल जाएं कि समझना मुश्किल न हो । भोपाल – हिंदी माध्यम से एमबीबीएस की पढ़ाई करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है काउंसलिंग के बाद 15 नवंबर से एमबीबीएस के नए बैच के विद्यार्थियों को हिंदी की किताबों से पढ़ाया जाएगा इस कदम से उन हजारों विद्यार्थियों को राहत मिली है जो अंग्रेजी के भय से इस पाठ्यक्रम से दूर भागते थे अथवा दाखिले के बाद मुश्किल आने पर पार्टी काम छोड़ देते थे । अंग्रेजी नही आने की हीन भावना से आत्मघाती कदम उठाने वाले मामले भी सामने आते रहे हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को भोपाल में एमबीबीएस के तीन विषयों की हिंदी में किताबों का लोकार्पण करते हुए कहा कि आज का दिन आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में भारत के चिकित्सा क्षेत्र के लिए बेहद अहम है जिसे सुनहरे अक्षरों में लिखा जाएगा। यह देश के शिक्षा के क्षेत्र में पुनर्जागरण का दिन है । मध्य प्रदेश के 97 डॉक्टरों की टीम ने 4 महीने तक रात दिन मेहनत कर अंग्रेजी की किताबों को हिंदी में रूपांतरण किया है इस टीम ने 24 घंटे सातों दिन लगाकर एमबीबीएस प्रथम वर्ष की पांच किताबों का हिंदी में अनुवाद किया इस प्रक्रिया में तकनीकी और छात्रों के भविष्य की चुनौतियों का भी ख्याल रखा गया है। इन किताबों को ऐसे तैयार किया गया है, जिसमें शब्द के मायने हिंदी में ऐसे न बदल जाएं कि समझना मुश्किल न हो ।

D S Sijwali

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D S Sijwali

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