उपनल कर्मी लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत थे। इस दौरान कई सरकारें बदलीं, लेकिन उनकी प्रमुख मांग लंबित ही रही। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर यह शासनादेश जारी होने से उपनल कर्मियों में खुशी का माहौल है। सरकार के इस निर्णय से न केवल कर्मचारियों का भविष्य सुरक्षित होने की उम्मीद जताई जा रही है, बल्कि विभागों की कार्यक्षमता में भी सकारात्मक सुधार आने की संभावना है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि राज्य सरकार शुरू से ही कार्मिक हितों के लिए प्रतिबद्ध रही है। उन्होंने कहा कि उपनल कर्मियों को समान कार्य के बदले समान वेतन प्रदान करने का निर्णय इसी प्रतिबद्धता का हिस्सा है। सरकार प्रदेश हित में हर जटिल मुद्दे का समाधान निकालने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने को तैयार है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इससे पहले भी कई वर्षों से लंबित मुद्दों पर ठोस निर्णय ले चुके हैं। इनमें समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल, सख्त नकल विरोधी कानून, भू कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून जैसे महत्वपूर्ण फैसले शामिल हैं। सरकार के इस नए फैसले को भी प्रदेश में कर्मचारियों से जुड़े एक बड़े और जटिल विषय के समाधान के रूप में देखा जा रहा है।
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