अगर उत्तराखंड में हालात उग्र होते हैं तो पूरी जिम्मेदारी धामी सरकार की होगी- धामी सरकार

आज दिनांक 5.12.2024 को एस एस बी गुरिल्ला संगठन की एक आपातकालीन मीटिंग भिलंगना ब्लॉक के घनसाली गैस गोदाम के पास एक अति आवश्यक एवं आपातकालीन मीटिंग एसएसबी गुरिल्ला संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं टिहरी जिले का जिला अध्यक्ष दिनेश प्रसाद गैरोला ने के नेतृत्व में संपन्न हुई। जिसमें प्रदेश के मीडिया प्रभारी अनिल प्रसाद भट्ट एवं एसएसबी गुरिल्ला संगठन के महासचिव महावीर सिंह रावत एवं सह मीडिया प्रभारी महावीर सिंह रावत समस्त पदाधिकारी उपस्थित थे। और जैसे की उत्तराखंड के एसएसबी गुरिल्ला 18 सालों से अपनी तीन सूत्री मांगों के लिए आंदोलनरत है। लेकिन उत्तराखंड सरकार द्वारा संगठन को सिर्फ और सिर्फ आश्वासन ही दिए गए। और 20 दिसंबर 2023 को 18 सचिवों व माननीय मुख्यमंत्री व गुरिल्ला संगठन के पदाधिकारी इस मीटिंग में सम्मिलित थे। माननीय मुख्यमंत्री जी ने सचिवों को निर्देश दिए थे कि जहां-जहां जिन-जिन विभागों में रिक्तियां खाली हैं। तुरंत एस एस बी गुरिल्लाओं को उसमें समायोजित किया जाए। लेकिन एक वर्ष बीतने के बावजूद भी अभी तक उस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। और 2 सितंबर 2024 को समस्त उत्तराखंड के गुरिल्ललाओं की सी एम आवास कूच था तो सरकार ने आनन-फानन में गृह सचिव रिद्धिमा अग्रवाल से गुरिल्ला संगठन के पदाधिकारीयों की वार्ता करवाई। कि जहां भी गुरिल्लाओ की फाइल रुकी है। 48 घंटे के अंदर उस पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन 3 माह बीतने के बावजूद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। और एस एस बी गुरिल्ला संगठन के पूरे उत्तराखंड प्रदेश के एसएसबी गुरिल्ला बड़े आक्रोशित हैं। गुरिल्ला संगठन के प्रदेश उपाध्यक्ष वह टिहरी जिला अध्यक्ष दिनेश प्रसाद गैरोला और प्रदेश मीडिया प्रभारी अनिल प्रसाद भट्ट ने उत्तराखंड सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 15 दिसंबर तक सरकार गुरिल्लाओं को नौकरी व पेंशन नहीं देती है तो 17 दिसंबर को समस्त उत्तराखंड के एस एस बी प्रशिक्षित गुरिल्ला देहरादून कूच करेंगे और 18 दिसंबर को अनिश्चितकाल के लिए सी एम आवास के लिए कूच होगा। उत्तराखंड के एस एस बी गुरिल्लाओ को भी मणिपुर की तर्ज पर नौकरी व पेंशन दी जाए। प्रदेश उपाध्यक्ष व टिहरी जिले का जिला अध्यक्ष दिनेश प्रसाद गैरोला ने कहा है कि जो आज हमारे देश और देश की सीमाएं सुरक्षित हैं वह एस एस बी गुरिल्ला और फौजियों के कारण सुरक्षित हैं। अगर उत्तराखंड सरकार एस एस बी गुरिल्लाओ का काम नहीं करती है तो उत्तराखंड में भी छत्तीसगढ़ और जम्मू कश्मीर व दंतेवाड़ा जैसे हालात हो सकते हैं। अगर धामी सरकार तुरंत एस एस बी गुरिल्लाओं का काम नहीं करती है व नौकरी व पेंशन नहीं देती है तो उत्तराखंड में भी एस एस बी गुरिल्ले पिछले 18 सालों से बेरोजगारी की मार झेल रहे हैं। तो ऐसे में एक देशभक्त गुरिल्ला सरकार से ईमानदारी से अपना हक की मांग कर रहा है। फिर भी सरकार नहीं सुनती है तो कहीं उत्तराखंड सरकार को इस गलती का बाद में ठेस न पहुंचे। गुरिल्ला बेरोजगारी में कोई गलत कदम उठाता है तो उसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उत्तराखंड सरकार की होगी। अब गुरिल्ला बिल्कुल नहीं मानने वाला बहुत संघर्ष कर दिया है 18 सालों का और उत्तराखंड में अगर काम नहीं होता है तो समस्त उत्तराखंड के गुरिल्लाओ से कह देना चाहते हैं कि अगर सरकार तुरंत काम नहीं करती है तो यहां पर छत्तीसगढ़ और जम्मू कश्मीर जैसे हालात पैदा कर दो तभी सरकार जागेगी। क्योंकि समय आ गया है कि सरकार सीधी उंगली से काम नहीं करती है तो गुरिल्ला साथियों से कह देना चाहते हैं कि अब उंगली टेढ़ी करनी होगी। अगर उत्तराखंड में हालात उग्र होते हैं तो पूरी जिम्मेदारी धामी सरकार की होगी। और सरकार एस एस बी गुरिल्लों को उत्तराखंड में जितने भी प्रोजेक्ट कार्य चल रहे हैं उन सभी में एस एस बी गुरिल्लों को सामायोजित कर सकती है। जैसे कि होमगार्ड, कर्णप्रयाग -ऋषिकेश रेल प्रोजेक्ट, टिहरी डैम के चारों ओर रिंग रोड प्रोजेक्ट, बैंक प्रोजेक्ट, सिविल सर्विस प्रोजेक्ट आदि कई प्रोजेक्टो में एस एस बी गुरिल्लाओं को सामायोजित कर सकती है। और निजी सुरक्षा एजेंसी और गुरिल्लाओं ने घनसाली में सरकार की बुद्धि- शुद्धि के लिए हवन किया। और एस डी एम के माध्यम से मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक को ज्ञापन दिया। और महोदय आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि सरकार राष्ट्रभक्त व राष्ट्रवादी गुरिल्लों की तीन सूत्रीय मांगों के निराकरण के लिए सरकार ठोस निर्णय लेगी। अन्यथा संगठन को मजबूर होकर आंदोलन को तेज करना पड़ेगा तथा सड़कों पर उतरना पड़ेगा। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी उत्तराखंड सरकार व प्रशासन की होगी।
महोदय संगठन की निम्नलिखित प्रमुख तीन मांगे हैं।
1-संगठन के 55 वर्ष तक के सदस्यों को राजकीय सेवा में लिया जाए।
2-संगठन के 55 वर्ष से अधिक उम्र के सदस्यों को सम्मानजनक पेंशन दी जाए।
3-संगठन की मृतक सदस्यों के आश्रितों को पेंशन व रोजगार प्रदान किया जाए।
अतः तदनुसार सदर प्रार्थना है।
गुरिल्ला संगठन के टिहरी जिला के उपाध्यक्ष व जिले के जिला अध्यक्ष की अध्यक्षता में भिलंगना ब्लॉक के घनसाली गैस गोदाम के पास एक अति आवश्यक मीटिंग संपन्न हुई। जिसमें सैकड़ों गुरिल्ला शामिल थे। जैसे कि सचिव अरविंद रावत, जगदीश सेमवाल महासचिव, सहसचिव सरोप सिंह, प्रदीप सिंह रावत, कृष्ण कुमार, दिलबर चंद्र, भरो मना राम, मोर सिंह, प्रेम सिंह, सूरत सिंह, सरोप सिंह भंडारी, सरस्वती देवी, पवन, लक्ष्मी देवी, सलवली देवी, रमेश दास s/o प्रेमलाल उर्फ जलक दास, विनोद सिंह s/o गजेंद्रसिंह, सोनी देवी, लक्ष्मी देवी, मनोहरी देवी आदि कई गोरिल्ला उपस्थित थे।

D S Sijwali

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