राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एसडीएमए) ने शनिवार को सूचित किया कि दरार वाले भवनों की संख्या में वृद्धि नहीं हुई है और अब तक 863 इमारतों में भूमि धंसने के कारण दरारें देखी गई हैं। उत्तराखंड के जोशीमठ नगर क्षेत्र में भूस्खलन उत्तराखंड आपदा प्रबंधन सचिव रंजीत कुमार सिन्हा ने जोशीमठ नगर क्षेत्र में भूसाव और भूस्खलन के बाद राज्य सरकार द्वारा राहत, बचाव और स्थायी एवं अस्थायी पुनर्वास के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी दी।
अंतरिम राहत के रूप में 3.50 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई
सिन्हा ने कहा, ” जोशीमठ में 233 प्रभावित भूस्वामियों को अंतरिम राहत के रूप में 3.50 करोड़ रुपये की राशि वितरित की गई है। 105 प्रभावित काश्तकारों को तत्काल राहत के रूप में 52.50 लाख रुपये की राशि वितरित की गई है।” सचिव आपदा प्रबंधन ने कहा कि जोशीमठ में पानी का शुरुआती डिस्चार्ज जो 6 जनवरी, 2023 को 540 एलपीएम था, वर्तमान में घटकर 170 लीटर प्रति मिनट (एलपीएम) हो गया है। उन्होंने कहा कि अस्थायी रूप से चिह्नित राहत शिविरों में जोशीमठ में 2957 लोगों की क्षमता वाले कुल 661 कमरे और पीपलकोटी में 2205 लोगों की क्षमता वाले 491 कमरे हैं।
उन्होंने कहा, “अब तक 863 इमारतों में दरारें देखी गई हैं। दरारों वाली इमारतों की संख्या नहीं बढ़ी है।” सिन्हा ने बताया कि गांधीनगर में एक, सिंहधार में दो, मनोहरबाग में पांच और सुनील में सात वार्ड को असुरक्षित घोषित किया गया है। 181 भवन असुरक्षित क्षेत्र में स्थित हैं। उन्होंने कहा, “248 परिवारों को सुरक्षा के मद्देनजर अस्थायी रूप से विस्थापित किया गया है। विस्थापित परिवार के सदस्यों की संख्या 900 है। 41 प्रभावित परिवार रिश्तेदारों या किराए के घरों में चले गए हैं।”
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