केंद्र की ओर से अनुमति बढ़ाए जाने के आदेश किए गए। इन चारों नदियों में खनन की अनुमति 28 फरवरी को खत्म हो रही थी।
उत्तराखंड की चार बड़ी नदियों गौला, शारदा, दाबका और कोसी में खनन को | अगले पांच साल के लिए केंद्र ने मंजूरी दे दी है। गुरुवार को केंद्र की ओर से अनुमति बढ़ाए जाने के आदेश किए गए। इन चारों नदियों में खनन की अनुमति 28 फरवरी को खत्म हो रही थी। इसे प्रदेश के लिए एक बड़ी राहत बताते हुए सीएम पुष्कर धामी ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव का आभार जताया है।
बीते शनिवार ही मुख्यमंत्री पुष्कर धामी ने केंद्रीय वन मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर इन चार नदियों में खनन की मंजूरी दोबारा दस साल के लिए देने का अनुरोध किया था। जिसके लिए वन विभाग की ओर से पहले ही प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया था। मुख्यमंत्री धामी के विशेष अनुरोध पर केंद्र ने अगले पांच साल के लिए खनन की दोबारा अनुमति दे दी। मुख्यमत्री ने कहा कि इससे लगभग 50 हजार स्थानीय लोगों और श्रमिकों को सार्थक रोजगार भी मिलेगा। उन्होंने भी इसके लिए सीएम पुष्कर धामी सहित केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यावद का आभार जताया है।
वन निगम इन चारों नदियों में खनन करता है। जिनमें पूरे साल में करीब 70 लाख घट मीटर खनन होता है। इसमें करीब 54 लाख घन मीटर अकेले गौला में होता है। इसके अलावा करीब आठ लाख घन मीटर कोसी, करीब दो लाख दाबका और तीन लाख घन मीटर शारदा में खनन होता है।
