भारत और नेपाल के बीच सात समझौते पर हुए हस्ताक्षर, पीएम मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री प्रचंड की हुई मुलाकात

हम अपने रिश्तों को हिमालय जितनी ऊंचाई देने के लिए काम करते रहेंगे – पीएम मोदी



भारत और नेपाल ने कल (गुरुवार) 1 जून 2023 को व्यापार और वाणिज्य, सीमा पार पेट्रोलियम पाइपलाइन, एकीकृत चेक पोस्ट के विकास, जलविद्युत परियोजनाओं और भुगतान तंत्र सहित सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए। नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड के बीच प्रतिनिधि स्तर की वार्ता हुई जिसके पश्चात इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। वार्ता के बाद दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेसवार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को ‘हिट’ बताया और कहा कि हम अपने रिश्तों को हिमालय जितनी ऊंचाई देने के लिए काम करते रहेंगे।

भारत-नेपाल संबंधों को बढ़ावा देने की दोहराई प्रतिबद्धता

विचार-विमर्श के दौरान, दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, शिक्षा और लोगों से लोगों के संपर्क (पीपल टू पीपल कनेक्ट) के क्षेत्रों में भारत-नेपाल संबंधों को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड तक भारतीय रेल कार्गो ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया। वहीं उन्होंने रूपईडीहा-नेपालगंज और सुनौली-भैरहवा के बीच एक एकीकृत चेक पोस्ट का भी उद्घाटन किया। उन्होंने मोतिहारी-अमलेखगुज तेल पाइपलाइन-चरण 2 परियोजना की आधारशिला भी रखी। इसके अलावा दोनों नेताओं ने गोरखपुर-न्यू बुटवल सब स्टेशन 400 केवी क्रॉस बॉर्डर ट्रांसमिशन लाइन के निर्माण कार्य की भी शुरुआत की।

पिछले 9 वर्षों में कई क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां 

संयुक्त प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए, पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने 2014 में अपनी नेपाल यात्रा के दौरान भारत नेपाल संबंधों के लिए एचआईटी फार्मूला दिया था। जिसका अर्थ है हाइवेज, आईवेज और ट्रांसवेज। इसे ‘हिट’ साझेदारी करार देते हुए, उन्होंने कहा, पिछले नौ वर्षों में कई क्षेत्रों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की गई हैं। उन्होंने कहा, आज इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। 

10 वर्षों में नेपाल से 10 हजार मेगावॉट बिजली आयात का लक्ष्य 

पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारत ने आने वाले 10 वर्षों में नेपाल से 10 हजार मेगावॉट बिजली आयात करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि रामायण सर्किट से संबंधित परियोजनाओं तेजी से पूरा करने का निर्णय किया गया है ताकि दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान प्रदान को बढ़ावा दिया जा सके।

भौतिक संपर्क बढ़ाने के लिए स्थापित किए नए रेल संपर्क 

उन्होंने कहा ट्रांजिट समझौतों पर आज हस्ताक्षर किए गए हैं। हमने भौतिक संपर्क बढ़ाने के लिए नए रेल संपर्क स्थापित किए हैं। भारत और नेपाल के बीच आज दीर्घकालिक विद्युत व्यापार समझौता हुआ है। इससे हमारे देशों के बिजली क्षेत्र को मजबूती मिलेगी। भारत और नेपाल के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं। 

वित्तीय संपर्क को दिया जाएगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों देशों के बीच वित्तीय संपर्क को बढ़ावा दिया जाएगा। इससे नेपाल से भारत आने वाले पर्यटकों, मरीजों, शिक्षार्थियों को लाभ मिलेगा। दोनों देशों के बीच तेल पाइपलाइन को विस्तार दिया जा रहा है। एक नई पाइपलाइन भी प्रस्तावित की गई है।

दोनों देशों के बीच संबंध सदियों पुराने

नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल प्रचंड ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत के आर्थिक और विकासात्मक परिवर्तन की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच संबंध सदियों पुराने और बहुपक्षीय हैं।

प्रचंड तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद पहली बार किसी विदेश यात्रा पर हैं। भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर आए नेपाल के प्रधानमंत्री आज शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात करेंगे। नेपाल के प्रधानमंत्री कल नई दिल्ली पहुंचे थे। वहीं आज 1 जून 2023 को सुबह नेपाल के प्रधानमंत्री ने राजघाट का दौरा किया और महात्मा गांधी को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

पिछले कुछ वर्षों में भारत-नेपाल द्विपक्षीय संबंध हुए काफी मजबूत

उल्लेखनीय है कि पिछले साल दिसंबर में कार्यभार संभालने के बाद यह उनकी पहली द्विपक्षीय विदेश यात्रा है। उनकी यह यात्रा भारत की ‘पड़ोसी पहले’ नीति को आगे बढ़ाने में दोनों देशों के बीच नियमित रूप से उच्च स्तरीय आदान-प्रदान करने की परंपरा को जारी रखती है। सहयोग के सभी क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में भारत-नेपाल द्विपक्षीय संबंध काफी मजबूत हुए हैं। नेपाली प्रधानमंत्री की यात्रा द्विपक्षीय साझेदारी को और गति देने के लिए दोनों पक्षों द्वारा दिए गए महत्व को रेखांकित करती है। नेपाल के पीएम प्रचंड कल उज्जैन और इंदौर जाएंगे।

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