सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय और एब्सोल्यूट मल्टीनेशनल कंपनी, गुड़गांव के बीच एमओयू हस्ताक्षर हुए

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सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में विश्वविद्यालय और एब्सोल्यूट फ़ूड (ECSO, प्राइवेट लिमिटेड) मल्टीनेशनल कंपनी , गुड़गांव के बीच हुआ कृषि और फ्रूट प्रसंस्करण, जन संसाधनों के आदान प्रदान, कृषि, हिमालय के चिकित्सकीय पौधों पर शोध आदि गतिविधियों को संचालित करने को लेकर कुलपति प्रो नरेंद्र सिंह भंडारी की अध्यक्षता में विश्वविद्यालय की ओर से कुलसचिव डॉ देवेंद्र सिंह बिष्ट और एब्सोल्यूट कम्पनी की तरफ से डॉ शिवम शर्मा (निदेशक, स्ट्रैटिजी एंड पार्टनरशिप) ने एमओयू हस्ताक्षर किये।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेंद्र सिंह भंडारी ने इस अवसर पर कहा कि दोनों ही संस्थानों के बीच आज बहुत महत्वपूर्ण विषय पर एमओयू हस्ताक्षर हो गए हैं। हमारा विश्वविद्यालय शोध कार्यों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर नवीन उचाईयां छू रहा है। इसी क्रम में आज हम एक नए संस्थान से जुड़ गए हैं। कृषि, बागवानी, फल प्रसंस्करण, चिकित्सकीय पौंधे, बिच्छु घास, किलमोड़ा आदि में गहन शोध होगा। कृषि से जुड़े हुए लोग नवीन तकनीक से जुड़ेंगे। ड्रोन बेस्ड फार्मिंग से हमारे हिमालयी क्षेत्र को लाभ मिल सकेगा। साथ ही सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय के शोधार्थी फ्रूट प्रोसेसिंग, कृषि, बाग़वानी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र में शोध कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के शोधार्थियों, अकादेमिक सदस्यों, कृषि से जुड़े हुए व्यक्ति शोध का लाभ ले सकेंगे। शोधार्थियों को पीएचडी करने के साथ साथ आकर्षक छात्रवृत्ति भी प्राप्त होगी। उन्होंने जंतु विज्ञान विभाग के प्रयासों को सराहा।

एब्सोल्यूट कम्पनी की तरफ से डॉ शिवम शर्मा (निदेशक, स्ट्रैटिजी एंड पार्टनरशिप) ने एब्सोल्यूट कंपनी के विज़न एवं मिशन संदर्भ में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हमारा संस्थान भारत एवं विदेश के चुनिंदा श्रेष्ठ संस्थानों से जुड़े हैं और अब सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय से जुड़कर हम मेडिशनल प्लांट, हॉर्टिकल्चर क्षेत्र में बेहतर दिशा में कार्य करने की शुरुआत कर रहे हैं। विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग के साथ-साथ रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, वानिकी विभाग के शोधकों के साथ मिलकर विभिन्न शोध गतिविधियों को संचालित करेंगे। उन्होंने बताया कि हमारे विद्यार्थियों और शोधार्थियों को राष्ट्रीय एवं अंतरास्ट्रीय स्तर पर कार्य करने का मौका मिलेगा। साथ ही कमर्शियल रिसर्च बढ़ेगी।

इस अवसर पर एब्सोल्यूट कंपनी के शोध निदेशक डॉ प्रशांत खरे, अधिष्ठाता प्रशासन प्रो.प्रवीण सिंह बिष्ट, प्रो.जया उप्रेती (संकायाध्यक्ष,विज्ञान),प्रो गिरीश चन्द्र शाह (अधिष्ठाता शैक्षिक), प्रो इला बिष्ट (विभागाध्यक्ष, जंतु विज्ञान), प्रो अनिल कुमार यादव (वानिकी एवं पर्यावरण अध्ययन विभाग), डॉ मुकेश सामंत (कुलानुशासक), डॉ बलवंत कुमार (विभागाध्यक्ष, वनस्पति), डॉ.राम चन्द्र मौर्य, डॉ संदीप कुमार (जंतु विज्ञान), डॉ ललित जोशी (विश्वविद्यालय मीडिया प्रभारी), श्री विपिन चन्द्र जोशी (निजी सहायक), देवेंद्र पोखरिया, गोविंद मेर, आलोक वर्मा आदि शिक्षक एवं विश्वविद्यालय के कर्मी उपस्थित रहे।

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