Pehalgam terrorist attack: पहलगाम आतंकी हमले में हाथ से पाकिस्तान का इंकार, TRF ने हमले की जिम्मेदारी ली
पहलगाम, दक्षिण कश्मीर में 20 अप्रैल, 2025 को हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले में 26 लोग मारे गए, जिनमें दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे, और 11 अन्य घायल हुए। इस हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है, जो पाकिस्तान आधारित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) का एक उप-समूह माना जाता है।
हमले के बाद TRF ने एक बयान जारी किया जिसमें उसने कश्मीर में 85,000 से अधिक “बाहरी लोगों” के बसने को लेकर नाराजगी जताई और इसे “जनसंख्या परिवर्तन” का कारण बताया। हालांकि TRF ने हमले की जिम्मेदारी ली, लेकिन पाकिस्तान की संलिप्तता की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता, क्योंकि TRF का लिंक LeT से जुड़ा हुआ है, जो पाकिस्तान आधारित आतंकवादी समूह है।
हमले का समय महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह उस समय हुआ जब अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance भारत दौरे पर थे। इतिहास में पाकिस्तान द्वारा भारत में अमेरिकी राजनयिकों के दौरे के दौरान आतंकवादी हमले करवाए जाने की घटनाएं रही हैं। उदाहरण के लिए, 2000 में बिल क्लिंटन के दौरे से पहले कश्मीर में एक आतंकवादी हमले को अंजाम दिया गया था, और 2002 में भी इसी तरह के हमले हुए थे।
पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर के हालिया बयान ने इस हमले को लेकर संदेह को और बढ़ा दिया। मुनीर ने कश्मीर को पाकिस्तान की “गला काटने वाली नस” (jugular vein) बताया और कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की स्थायी रणनीति को दोहराया। उनके बयान ने कई विशेषज्ञों को यह सोचने पर मजबूर किया कि क्या इन शब्दों ने आतंकवादी समूहों को प्रेरित किया।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने हमले में पाकिस्तान के हाथ होने से इनकार किया और इसे “घरेलू ताकतों” का काम बताया। उन्होंने दावा किया कि भारत में कई जगहों पर विद्रोह हो रहे हैं, और इसे पाकिस्तान पर आरोप लगाना गलत है।
विशेषज्ञों का मानना है कि TRF द्वारा जिम्मेदारी लेने के बावजूद, LeT, जो पाकिस्तान द्वारा समर्थित आतंकवादी समूह है, ने इस हमले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि हमले में विदेशी आतंकवादियों का हाथ था, जो पाकिस्तान के आतंकवादी संगठनों से जुड़े हो सकते हैं।
पहलगाम में हुआ हमला पाकिस्तान की दीर्घकालिक “गहरे राज्य” आतंकवाद रणनीति का हिस्सा है। पाकिस्तान ने लंबे समय से कश्मीर में आतंकवादी समूहों का उपयोग भारत की स्थिरता को कमजोर करने के लिए किया है। हमले का आयोजन और इसका लक्षित उद्देश्य यह दिखाता है कि पाकिस्तान ने इस घटना के माध्यम से कश्मीर में शांति और विकास को बाधित करने की कोशिश की है।
पहलगाम आतंकवादी हमला पाकिस्तान की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल खड़ा करता है। जबकि पाकिस्तान इसके लिए अपनी संलिप्तता से इनकार करता है, यह तथ्य स्पष्ट है कि पाकिस्तान के आतंकवादी संगठन इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे हैं। अब भारत को अपनी आतंकवाद निरोधक रणनीतियों को मजबूत करने और यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ऐसे जघन्य कृत्य कश्मीर की बढ़ती शांति और समृद्धि को नष्ट न करें।
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