सकट चौथ का व्रत भगवान गणेश और सकट माता को समर्पित है। इस दिन महिलाएं अपनी संतानों की लंबी आयु के लिए निर्जला व्रत रहती हैं और रात में चंद्र देव की पूजा के बाद व्रत का पारण करती हैं। ये व्रत बेहद कठिन माना जाता है लेकिन इसका विशेष धार्मिक महत्व होता है। कहते हैं इस व्रत को करने से संतान के जीवन में कोई बड़ा संकट नहीं आता और गणपति बप्पा की विशेष कृपा सदैव बनी रहती है। चलिए जानते हैं नए साल में सकट चौथ व्रत कब रखा जाएगा।
सकट चौथ कब है 2026 (Sakat Chauth 2026 Date)
सकट चौथ – 6 जनवरी 2024, मंगलवार
सकट चौथ के दिन चन्द्रोदय समय – 08:54 PM
चतुर्थी तिथि प्रारम्भ – 06 जनवरी 2026 को 08:01 AM बजे
चतुर्थी तिथि समाप्त – 07 जनवरी 2026 को 06:52 AM बजे
सकट चौथ व्रत का महत्व (Sakat Chauth Vrat Mahatva)
सकट चौथ व्रत संतान के जीवन में खुशहाली तो लाता ही है साथ ही बुध ग्रह के अशुभ प्रभावों से भी मुक्ति दिलाता है। इस व्रत को करने से कार्यों में सफलता मिलती है और जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। इस व्रत में भगवान गणेश और चंद्र देव की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है।
सकट चौथ पूजन विधि (Sakat Chauth Puja Vidhi)
सकट चौथ के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र पहनें।
इसके बाद भगवान गणेश जी की विधि विधान पूजा करें।
पूजा के समय भगवान के मंत्रों का जाप करें और साथ ही सकट चौथ की कथा भी जरूर पढ़ें।
इस दिन गणेश जी को तिल से बने लड्डू और मोदक का भोग जरूर लगाया जाता है।
संभव हो तो इस दिन गणेश चालीसा भी जरूर पढ़ें।
रात में चंद्र देव की पूजा करें। चंद्र देव की पूजा के बाद आप जल और फलाहारी भोजन ग्रहण कर सकते हैं।
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