उत्तराखंड पिछले कई समय से अपनी मांगों को लेकर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं जगह-जगह धरना प्रदर्शन कर रही है। इसी क्रम में आगामी सोमवार 11 दिसंबर को दिल्ली के जंतर मंतर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं विशाल धरना प्रदर्शन करने जा रही है।
उत्तराखण्ड राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुसीला खत्री के प्रदेश शिष्टमंडल 11 दिसंबर दिल्ली जंतर-मंतर में अखिल भारतीय प्रदर्शन के बैनर के तले अन्य राज्यों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के साथ धरना प्रदर्शन में प्रतिभाग करेंगे। ।
बता दें कि इससे पहले चार अक्टूबर को अखिल भारतीय आंगनबाड़ी कर्मचारी समिति के नेतृत्व में उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी संघ की आंगनबाड़ी कार्यकर्तियो ने विशाल धरना प्रदर्शन करके केन्द्र सरकार ज्ञापन सौंपकर अपनी विभिन्न मांगो के लिए अवगत कराया। अपनी विभिन्न मांगो के निराकरण हेतु दिसंबर तक समय दिया था लेकिन अभी केन्द्र सरकार की तरफ से कोई सकारात्मक सुझाव नहीं मिलने से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों में काफी रोष है। इसलिए ग्यारह दिसंबर को दिल्ली जंतर-मंतर में 12 बजे अखिल भारतीय प्रदर्शन के बैनर के तले अपनी विभिन्न मांगो के लिए धरना प्रदर्शन उत्तराखंड के अलग-अलग जिलों से आंगनबाड़ी कार्यकार्तियों की जाने की तैयारी जोर जोर से चल रही है।
उत्तराखंड राज्य आंगनबाड़ी संघ की प्रदेश अध्यक्ष सुशीला खत्री ने बताया उत्तराखंड राज्य में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 5250 से 9300 रुपये मिलता है। अन्य राज्यों में 10 हजार से 15 हजार मानदेय मिलता है तो उत्तराखंड में सौतेले व्यवहार क्यों हो रहा हैं? जैसे अन्य राज्यों की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को मानदेय दिया जा रहा है। ऐसे ही उत्तराखंड राज्य की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को भी देना चाहिए। खत्री ने बताया दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, कर्नाटक,केरल, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को 10 हजार से पंद्रह हजार रुपए मानदेय दिया जा रहा है। हमारे उत्तराखंड में 5250 से 9300 रुपये । इसमें सबसे ज्यादा शोषण मिनी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का हो रहा।
इसके अलावा; स्कीम वर्कर्स को ‘मानदेय नहीं- सरकारी कर्मचारी की मान्यता सहित सभी सामाजिक सुरक्षा, छुट्टी, पेंशन प्रदान करना, सभी राज्यों में स्कीम वर्कर्स को समान अधिकार प्रदान, स्कीम वर्कर्स का न्यूनतम वेतन 35 हजार रुपए देना सुनिश्चित करना, स्कीम वर्कर्स की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष और सेवानिवृत्ति भत्ता 5 लाख रुपए, सेवा के दौरान निधन होने वाले किसी भी योजना कार्यकर्ता के परिवार को मुआवजे के रूप में ₹ 10 लाख प्रदान करने की मांग को लेकर सभी आंगनबाड़ी कार्यकर्ताएं जंतर मंतर में एकत्र होंगी।
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