योग और मेडिटेशन के दौरान छात्र-छात्राओं के चिल्लाने और बेहोश होने से मची अफरातफरी

एनएसएस कैंप में योग और मेडिटेशन के दौरान छात्र-छात्राओं के चिल्लाने और बेहोश होने से अफरातफरी मच गई। आठ छात्रों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल ले जाया गया जहां उनकी हालत सामान्य बताई जा रही है। डॉक्टरों का कहना है कि शीतकाल में पानी कम पीने से डिहाइड्रेशन और मेडिटेशन का अभ्यास नहीं होने के कारण ऐसी स्थिति बनती है।अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कालेज कमांद में बीती शनिवार सांय को एनएसएस शिविर में योग व मेडिटेशन के दौरान कुछ छात्र-छात्राओं के चिल्लाने व बेहोश होने पर मची अफरातफरी के बाद स्थिति सामान्य होने पर रविवार को अभिभावकों की बैठक आयोजित कर शिविर स्थगित कर दिया गया।अटल उत्कृष्ट राजकीय इंटर कालेज कमांद में शीतकालीन अवकाश के साथ ही एनएसएस का शिविर अपने ही विद्यालय में प्रारंभ हुआ था। शिविर में स्वयंसेवियों को विभिन्न क्रियाकलापों के अतिरिक्त अभिभावक संघ अध्यक्ष के आग्रह पर आर्ट ऑफ लिविंग देहरादून से मोनिका अग्रवाल व सत्य अग्रवाल बच्चों को योग एवं मेडिटेशन कराने के लिए आए थे।शनिवार शाम तीन बजे से स्वयंसेवी छात्र छात्राओं को योग व मेडिटेशन करवाया जा रहा था। शाम लगभग साढ़े चार बजे अचानक एक छात्र चिल्लाया और उसके बाद एक-एक कर सात और छात्राएं भी चिल्लाने व बेहोश होने लग गई। सूचना मिलते ही एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी विद्यालय प्रवक्ता समर विजय नेगी कार्यक्रम हाल में पहुंचे। तुरंत अस्पताल व पुलिस को सूचित किया। पीएचसी कमांद से डा. अदिति शंकर व फार्मासिस्ट भानु नौटियाल विद्यालय पहुंचे। सभी आठ छात्रों को प्राथमिक उपचार के साथ ही पास ही स्थित अस्पताल लाया गया। कुछ ही देर में ओआरएस घोल पिलाने के साथ छात्र सामान्य हो गए। एक छात्रा अंजली कक्षा 11 ने पेटदर्द की शिकायत की जिसे 108 के माध्यम से जिला अस्पताल बौराड़ी भेजा गया। वह भी सामान्य होकर रविवार प्रातः आठ बजे घर पहुंच गई है।थानाध्यक्ष सुखपाल मान व पुलिस टीम की उपस्थिति में कार्यक्रम अधिकारी द्वारा रात ही घटना की सूचना पर विद्यालय पहुंचे अभिभावकों के साथ घर भेज दिया था। रविवार को थानाध्यक्ष सुखपाल मान की उपस्थिति में अभिभावकों की बैठक आयोजित कर शिविर को स्थगित कर दिया गया। अभिभावक शिक्षक संघ के अध्यक्ष मोहन डोभाल ने बताया कि शनिवार की घटना के बाद बैठक कर शिविर स्थगित कर दिया गया है। शीतकाल में पानी कम पीने से डिहाइड्रेशन व मेडिटेशन का अभ्यास नहीं होने यह स्थिति बनी ऐसी स्थिति बनी है। ऐसा प्राय हो जाता है। – डा. अदिति शंकर, चिकित्साधिकारी पीएचसी कमांद

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