7 जगहों पर 100 करोड़ के नकली GST रिफंड का भंडाफोड़ 100 crore fake GST refund busted at 7 places
CBI (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) ने शनिवार को बिहार और झारखंड में सात अलग-अलग स्थानों पर छापे मारकर 100 करोड़ रुपये के जीएसटी रिफंड घोटाले का सनसनीखेज खुलासा किया है।
सीबीआई ने पटना, पूर्णिया (दो जगह), जमशेदपुर, नालंदा और मुंगेर के ठिकानों पर तलाशी के दौरान सात सोने की बार बरामद की हैं जिसका वजन 100-100 ग्राम था।
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक घोटाले में पटना के अतिरिक्त आयुक्त (GST) रणविजय कुमार के नेतृत्व में पांच कस्टम अधिकारियों में जयनगर में निदेशक नीरज कुमार और मनमोहन शर्मा, भीमनगर में तरुण कुमार सिन्हा और राजीव रंजन सिन्हा पर रिफंड के बदले रिश्वत लेने का आरोप है।
सीबीआई की ओर से दर्ज की गई एफआईआर में कुल 30 निर्यातकों और कोलकाता स्थित क्लियरिंग एजेंट गंगा सिंह को भी आरोपी बनाया गया हैसीबीआई के अनुसार, यह घोटाला तब उजागर हुआ जब 2022-23 के दौरान नेपाल को टाइल्स और ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स के निर्यात में असामान्य वृद्धि देखी गई।
जयनगर, भीमनगर और भिट्टामोर के लैंड कस्टम स्टेशन (LCS) पर 4,161 ई-वे बिल दाखिल किए गए, जिनमें ऑटो बस, टू-व्हीलर और एम्बुलेंस तक के बिल शामिल थे, पर सत्यापन में पाया गया कि इन वाहनों का कोई रिकॉर्ड SSB के डेटाबेस में नहीं था.एफआईआर में कहा गया है कि चार अधिकारियों ने 10 लाख रुपये तक के फर्जी बिल क्लियर करा कर निर्यात दिखाए, जिससे 28% और 18% के उच्च जीएसटी स्लैब पर करीब 800 करोड़ रुपये का निर्यात बना और इसमें 100 करोड़ रुपये का रिफंड पास हुआ।
जांच में यह भी पता चला कि निर्यातक फर्म्स अपने पंजीकृत पते पर अस्तित्व में नहीं थीं.छापेमारी के दौरान करेंसी, लैपटॉप, कलर प्रिंटर, कटर और A4 पेपर रोल सहित फर्जी बिल तैयार करने के साक्ष्य जब्त किए गए है। सीएसपी सुनील नेमा ने बताया कि सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
