देशभर में 2 साल का B.Ed कोर्स बंद, अब टीचर बनने के लिए 4 साल का करना होगा स्पेशल कोर्स
बैचलर ऑफ़ एजुकेशन का पाठ्यक्रम अब 4 वर्षों का होगा। सत्र 2024-25 से 2 वर्षों के कोर्स को बंद कर दिया जाएगा।
भारतीय पुनर्वास परिषद (आरसीआई) ने चार वर्षीय स्पेशल बीएड कोर्स को लेकर नोटिस जारी कर दिया है। देश भर में अब होने वाले दो साल के स्पेशल बीएड कोर्स को हमेशा के लिए बंद कर दिया गया है। अगले शैक्षणिक सत्र 2024-2025 से सिर्फ चार वर्षीय स्पेशल बीएड कोर्स को ही मान्यता मिलेगी।
इस समबन्ध में नेशनल काउंसिल फॉर टीचर्स एजुकेशन ने नोटिस जारी कर सूचना दी है। इसके साथ ही बीएड पाठ्यक्रम का नाम बदलकर इंटीग्रेटेड टीचर्स एजुकेशन प्रोग्राम कर दिया गया है। इस 4 वर्षीय पाठ्यक्रम के लिए नया प्रशिक्षण कार्यक्रम तैयार किया जा रहा है।
साथ ही साथ हम, आप सभी स्टूडेंट्स को बताना चाहते है कि, NCTE द्धारा सत्र 2024 – 2025 से भारत के किसी भी 2 वर्षीय B.ED ( Special Education ) को ग्रांट नहीं दिया जायेगा। आरसीआई ही देश भर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में कराए जा रहे स्पेशल बीएड कोर्स को मान्यता देती है। बता दें कि आरसीआई ने अपने सर्कुलर में साफ तौर पर स्पष्ट कर दिया है। बता दें कि पूरे देश में ऐसे करीब 1000 संस्थान / विश्वविद्यालय हैं, जहां यह कोर्स कराया जा रहा है।
क्या होता है स्पेशल बीएड कोर्स
दरअसल, स्पेशल बीएड कोर्स में दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाती है। दिव्यांग बच्चों की विशेष तरह की जरूरतों को ध्यान में रखकर ही इस कोर्स में प्रशिक्षण दिया जाता है। इसमें सुनने, बोलने व अक्षमता, दृष्टि बाधित, मानसिक विकलांगता आदि दिव्यांगों के लिए सिलेबस का संचालन किया जाता है। आरसीआई ने कहा है कि जो भी संस्थान चार साल का इंटीग्रेटेड बीएड स्पेशल एजुकेशन कोर्स (एनसीटीई के चार वर्षीय आईटीईपी कोर्स की तरह) करवाना चाहते हैं, वे अगले अकादमिक सत्र के लिए आवेदन कर सकेंगे।
