सरपंचों, प्रतिनिधियों एवम महिलाओं से पलायन रोकने के लिए सुझाव लिए
अल्मोड़ा -आज विकास भवन सभागार में मुख्यमंत्री पलायन रोकथाम योजना वर्ष 2022-23 की कार्य योजना हेतु जिलाधिकारी वंदना के निर्देशों के क्रम में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें 8 विकास खण्डों के 14 ग्राम प्रधान,एनआरएलएम ग्राम संगठन के प्रतिनिधी ,सरपंच तथा सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी के साथ चर्चा की गई तथा पलायन रोकने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने हेतु प्रस्ताव लिए गए । कार्यशाला में कलस्टर बेस अप्रोच योजना बनाने पर चर्चा की गई, तथा कार्यशाला में आए सभी सरपंचों, प्रतिनिधियों एवम महिलाओं से पलायन रोकने के लिए सुझाव भी लिए गए। जनप्रतिनिधियों ने पलायन के कारणों पर अपनी अपनी राय दी जिसमें उन्होंने बताया कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा समेत जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के उपाय यदि सही तरीके से होंगे तो पलायन को रोकने में यह कारगर साबित हो सकता है। यहां जिला विकास अधिकारी केएन तिवारी, परियोजना निदेशक चंदा फर्त्याल समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
सीमांत गांवों के समग्र उत्थान में सहभागी बनेंगेवैज्ञानिक दारमा घाटी में अनुसंधान परियोजना कीरणनीतिक बैठक संपन्न पिथौरागढ़। सीमांत गांवों जिन्हें जीवंत गांव भी कहा गया है के समग्र विकास हेतु वहां के उत्पादों को स्थानीय लोगों के पोषण और आजीविका से जोड़ने के लिए वैज्ञानिक उपाय करने होंगे। यह बात…
ट्रेनिंग का उद्देश्य बाल अधिकारों के प्रति शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, पुलिस तथा चिकित्सा विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारियों को जागरूक करना है। अल्मोड़ा - डॉ आर एस टोलिया उत्तराखंड प्रशासन अकादमी नैनीताल द्वारा आज विकास भवन सभागार में बाल अधिकारों पर संवेदीकरण प्रशिक्षण कार्यशाला शुरू…
बारिश भी नहीं बनी बाधा, बरसाती पहनकर धान की रोपाई में जुटी है पहाड़ की महिलाएं उत्तराखंड के पहाड़ो में आज भी जीवित है पारम्परिक कृषि परम्परा, क्या कुमाऊं क्या गढ़वाल! यहाँ के ग्रामीण क्षेत्रों में आजकल भारी बारिश के बीच भी अधिकतर महिलाएं रोपाई लगाते हुए मिल जाएंगी। हरे…