अल्मोडा – बंदर संवेदनशीलता के मामले में मनुष्यों से कम नहीं हैं। इसे साबित किया गुरुवार को कर्णप्रयाग के सिमली बाजार में बंदरों के झुंड ने, एक बंदर को वाहन की टक्कर लगने से वह घायल हो गया तो करीब 50 बंदरों के झुंड ने हाईवे पर आधे घंटे तक जाम लगा दिया। इस दौरान सड़क के दोनों तरफ करीब 150 से अधिक वाहन फंस गए। पहले लोगों ने जाम खुलने का इंतजार किया लेकिन बंदर नहीं हटे तो उन्हें जबरन हटाया गया तब जाकर यातायात बहाल हो सका।
एकत्र हुआ झुंड घायल बंद की चीख सुनकर
सिमली के एक व्यापारी के अनुसार कर्णप्रयाग-नैनीताल हाईवे पर सिमली बाजार में सुबह करीब आठ बजे सड़क पार करते हुए पहाड़ी की तरफ बंदरों का झुंड गुजर रहा था। तभी एक वाहन की टक्कर लगने से बंदर घायल हो गया। तभी दर्द से कराह रहे बंदर की आवाज सुनकर आसपास के सभी बंदर सड़क पर इकट्ठा हो गए और वाहनों को नहीं चलने दिया।
30 मिनट तक जाम लगाया
घायल बंदर को 50 से अधिक बंदरों ने घेर लिया था और जो भी उनको सड़क से भगाने जा रहा था उस पर वे झपटने के लिए दौड़ रहे थे। इस दौरान 30 मिनट तक सिमली में दोनों तरफ यातायात और लोगों की आवाजाही ठप हो गई। बाद में लोगों ने बंदरों को जबरदस्ती भगाया तब जाकर जाम खुला तो वाहन गंतव्यों को रवाना हुए।
Haldwani: सुबह स्कूल जा रही शिक्षिका पर बंदर झपटे, घायल सोमवार सुबह स्कूल जा रही एक शिक्षिका पर बंदर झपट पड़े और उन पर अपने पैने नाखूनों से कई वार कर दिये। घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया। जहां उन्हें रैबीज व अन्य जरूरी टीके लगाए गए।प्राप्त जानकारी के…
बंदरों के आतंक की जन समस्या को किसी भी दल ने अपने घोषणा पत्र का हिस्सा नहीं बनाया बंदर भगाओ खेती बचाओ जन अभियान कत्यूर घाटी ने आश्चर्य व्यक्त किया है कि बंदरों के आतंक ने पर्वतीय क्षेत्र के सामाजिक आर्थिक ताने बाने को छिन्न भिन्न करके रख दिया है…
पहले दिन पकड़े 11बंदर अल्मोड़ा। नगर हर तरफ बंदरों का हुड़दंग हैं, किसी की सब्जियाँ, किसी के फल तो कई लोगों के कपड़े भी झपट ले जा रहें ये बंदर। अल्मोड़ा सहित आसपास के हिस्सों में आतंक का पर्याय बने बंदरों को पकड़ने की पहल वन विभाग ने की है।…