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उत्तराखंड: लोन एप्स के नाम पर अवैध वसूली व मानसिक उत्पीड़न करने वाले गिरोह का पुलिस ने किया पर्दाफाश

फर्जी लोन एप के माध्यम से धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध साईबर क्राईम पुलिस स्टेशन और एसटीएफ उत्तराखण्ड को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने 15 एप्स के माध्यम से ,लोगों से अवैध वसूली के नाम पर, मानसिक उत्पीड़न करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। बताया जा रहा कि इन  एप्स से 300 करोड़ रुपये तक लोगों को अधिक ब्याज लोन दे चुकें है। प्रारंभिक जांच में पाया गया कि उत्तराखंड राज्य में 247 फर्जी लोन एप संचालित है। 

फर्जी ऑनलाइन लोन ऐप चीन, हांगकांग से बनाए और संचालित किए जाते थे
इस मामले में साइबर क्राईम पुलिस उत्तराखण्ड ने भारत के विभिन्न कोनो में लोन एप के माध्यम से धोखाधड़ी करने वाले गिरोह के सरगना  अंकुर ढींगरा पुत्र अनिल ढींगरा निवासी एन-2/79 मोहन गार्डन उत्तम नगर नई दिल्ली हाल डी- 205 मोहन गार्डन नई दिल्ली को उसके गुरुग्राम स्थित कार्यालय से गिरफ्तार कर इस संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है।   अभियुक्त से घटना में प्रयुक्त लैपटॉप, मोबाईल फोन, हार्ड डिस्क व विभिन्न बैको के एटीएम के साथ-साथ अभियुक्त के डीएल/आरसी/आधार कार्ड/पेन कार्ड/मेट्रो कार्ड को भी बरामद किया गया। आरोपी को पुलिस कस्टडी रिमाण्ड लिये जाने का प्रयास किया जा रहा है। गिरफ्तार किये गये अभियुक्त ने बताया कि, वह पूर्व में कई बार चाइना गया है। उसने चीनी भाषा चाइना मे रहकर ही पढ़ी है। Hector Lendkaro फर्जी कम्पनी वर्ष 2019-20 मे बनायी गयी थी। इस तरह के फर्जी ऑनलाइन लोन ऐप चीन, हांगकांग से बनाए और संचालित किए जाते हैं। वह पीडितों के कांटेक्ट लॉस्ट और गैलरी फ़ोटो एक्सेस लेकर उनकी अश्लील फोटो बनाकर भेजा जाता है। इससे उनका मानसिक शोषण करते हुए अवैध धन की वसूली की जाती है।

जनता से अपील
एसटीएफ की ओर से जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के ऑनलाइन फर्जी लोन/ लुभावने अवसरो/फर्जी साइट/धनराशि दोगुना करने वाले अंनजान अवसरो के प्रलोभन में न आयें। कोई भी वित्तीय साइबर धोखाधड़ी शक होने पर तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या साइबर हेल्पलाईन 1930 या साइबर क्राईम पुलिस स्टेशन को सम्पर्क करें।

This post was published on 12/01/2023 10:49 AM

swati tewari: working in digital media since 5 year