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एसएसजेयू: लोक प्रियता कार्यक्रम के तहत परिसर के प्राध्यापकों, शोध छात्रों व स्नाकोत्तर विद्यार्थियों ने पर्यावरण संस्थान कटारमल में प्रशिक्षण हेतु किया भ्रमण

विचार-विमर्श के उपरान्त यह पाया गया कि पर्वतीय क्षेत्र में तेजपत्ता, लैमन ग्रास, यहां की उपलब्ध भूमि के लिए उपयोगी है

अल्मोड़ा। 23 फरवरी 2023 सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय विज्ञान संकाय और उत्तराखण्ड राज्य विज्ञान एवं तकनीक परिषद के द्वारा आयोजित विज्ञान लोक प्रियता कार्यक्रम के अन्तर्गत परिसर के प्राध्यापकों, शोध छात्रों एवं स्नाकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थियों द्वारा पर्यावरण संस्थान कोसी कटारमल में प्रशिक्षण हेतु भ्रमण किया।

इस कार्यक्रम में संस्थान के तकनीक स्टाफ एवं वैज्ञानिकों द्वारा प्रयोगशालाओं, ग्रीन हाउस, हाइड्रोफॅनिक केन्द्र वनऔषिध गार्डन जल संरक्षण एवं शोधन सहित वैज्ञानिक क्रियाकलापों, औषधिय पोधों, पक्षियों, तितलियों व अन्य प्रजातियों का स्थलीय, प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण का नेतृत्व प्रो० एन०डी० काण्डपाल संयोजक, डॉ० भुवन चन्द्र आयोजक सचिव डॉ० आरती परिहार एवं डॉ० विजेता सत्याल द्वारा किया गया, प्रशिक्षण में डॉ० राजेन्द्र जोशी, डॉ० राजेश कुमार, डॉ० राजेश राठौर सहित अंशु टम्टा, रश्मि, अंजली. कंचन, हर्षिता, गीतांजलि, यतिन, बलवन्त, आशीष नारायण, हिमांशु डंगवाल सहित दो दर्जन अभ्यर्थियों ने प्रतिभाग किया प्रशिक्षण में बसंत बोरा डॉ० आशीष, डॉ० ध्यानी सहित तकनीक स्टाफ मुख्य रही।

प्रशिक्षण का मूल्यांकन प्रत्येक प्रतिभागी द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के अंत में विचार-विमर्श के उपरान्त यह पाया गया कि पर्वतीय क्षेत्र में तेजपत्ता, लैमन ग्रास, यहां की उपलब्ध भूमि के लिए उपयोगी है। साथ ही जटामासी का दोहन भी हाइड्रोफोनिक प्रणाली द्वारा यहां की कृषि प्रणाली के महत्वपूर्ण प्रयास है। संस्थान में संकलित अधिकतम दुर्लभ प्रजाति के वनस्पतियों एवं पेड़ो की प्रजातियां निकट भविष्य में वैज्ञानिक प्रणाली से उपलब्ध भूमि पर उगाई जा सकेंगी।

This post was published on 23/02/2023 1:32 PM

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