विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शुक्रवार 5 मई को कहा कि COVID-19 अब वैश्विक आपातकाल के रूप में योग्य नहीं है, जो विनाशकारी कोरोनावायरस महामारी के प्रतीकात्मक अंत को चिह्नित करता है।
इस महामारी की वजह से एक समय में दुनिया के विभिन्न देशों में ‘लॉकडाउन’ लगाया गया था, जिससे दुनिया भर में अर्थव्यवस्थाएं प्रभावित हुईं और कम से कम 70 लाख लोगों की मौत हो गई।
डब्ल्यूएचओ ने कहा कि भले ही आपातकालीन चरण समाप्त हो गया था, फिर भी महामारी समाप्त नहीं हुई है, दक्षिण पूर्व एशिया और मध्य पूर्व में मामलों में हालिया स्पाइक्स को ध्यान में रखते हुए। संयुक्त राष्ट्र की स्वास्थ्य एजेंसी का कहना है कि अभी भी हर हफ़्ते हज़ारों लोग इस वायरस से मर रहे हैं।
अलग-अलग टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस ने कहा कि महामारी एक वर्ष से अधिक समय से “नीचे की ओर” रही है, टीकाकरण और कारण जनसंख्या प्रतिरक्षा में वृद्धि है, जिससे मृत्यु दर में वृद्धि हुई थी उसमें कमी आई है
उन्होंने कहा, “मैंने वह सलाह मान ली है। इसलिए बड़ी आशा के साथ मैं वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल के तौर पर कोविड-19 के खत्म होने की घोषणा करता हूं।”
उन्होंने हालांकि आगाह किया कि कोविड-19 के अब वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल नहीं होने की घोषणा करने का यह मतलब नहीं है कि वैश्विक स्वास्थ्य खतरे के रूप में महामारी खत्म हो गई है।
घेब्रेयेसस ने कहा कि पिछले हफ्ते कोविड-19 के कारण हर तीन मिनट में एक व्यक्ति की जान गई और यह मौत के सिर्फ वो आंकड़े हैं जिनके बारे में हमें पता है। लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि उच्चतम स्तर के अलर्ट को हटाने का मतलब यह नहीं है कि खतरा खत्म हो गया है और कहा कि अगर स्थिति बदली तो आपातकालीन स्थिति बहाल की जा सकती है।
This post was published on 06/05/2023 3:13 AM