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बड़ी ख़बर भू-कानून लागू करने की मांग को लेकर सरयू नदी में बहाई स्थाई निवास प्रमाण पत्र की प्रतियां

बागेश्वर के बागनाथ मंदिर में इन दिनों उत्तरायणी मेले की धूम है वहीं बागेश्वर में मूल निवास भू-कानून समन्वय संघर्ष समिति, उत्तराखंड ने बागेश्वर की सरयू नदी में स्थाई निवास प्रमाण पत्र की प्रतियां बहाई। इसके साथ ही जमीनों की लूट के रास्ते खोलने के लिए लागू किए गए भू कानून की चिता जलाई।

इस मौके पर उन्होंने कहा आज बाहर से आने वाले लोगों ने अपने फर्जी स्थाई निवास बनाकर हमारे संसाधनों पर डाका डाल दिया है। नौकरियां, जमीन से लेकर हर तरह के संसाधनों को लूटा जा रहा है। मूल निवासी अपने ही राज्य में धक्के खाने के लिए मजबूर हैं।

पहाड़ी आर्मी के अध्यक्ष हरीश रावत, बेरोजगार संघ कुमांऊ के संयोजक भूपेंद्र कोरंगा, कार्तिक उपाध्याय ने कहा कि हमें हिमाचल की तरह सशक्त भू कानून चाहिए। सीमित मात्रा में बची कृषि भूमि की खरीद फरोख्त पर पूरी तरह से रोक लगनी चाहिए। समिति के सदस्य अनिल डोभाल, दीपक ढोंडियाल, प्रांजल नौडियाल, मनीष सुंदरियाल, सौरभ भट्ट, मयंक चौबे, जितेंद्र रावत, योगेश कुमार, बसंत बल्लभ पंडा, देवेंद्र बिष्ट, विनीत सकलानी, प्रकाश बहुगुणा, हरेंद्र सिंह कंडारी, सुमित कुमार ने कहा कि अंकिता भंडारी के हत्यारों को भी फांसी देने की मांग की। साथ ही कथित वीआईपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई गई।

This post was published on 15/01/2024 1:40 PM

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