X

क्या सच में हरी मिर्च का सेवन लंग कैंसर के खतरे को कम कर सकता?

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि हरी मिर्च का सेवन लंग कैंसर के खतरे को कम कर सकता है। इस दावे की सच्चाई जानने के लिए हमने सोनीपत स्थित एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल के हेमाटोलॉजी-ऑन्कोलॉजिस्ट विभाग के वरिष्ठ सलाहकार डॉ. रमन नारंग से बातचीत की।

हरी मिर्च और स्वास्थ्य लाभ: विशेषज्ञ की राय

डॉ. रमन नारंग के अनुसार, हरी मिर्च भारतीय भोजन का अहम हिस्सा है और इसमें मौजूद कैप्साइसिन नामक यौगिक कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है। कैप्साइसिन में एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बचाने में मदद कर सकते हैं।

हालांकि, यह कहना कि हरी मिर्च लंग कैंसर के खतरे को कम कर सकती है, वैज्ञानिक प्रमाणों से समर्थित नहीं है।

कैप्साइसिन के लाभ

रिसर्च के अनुसार, कैप्साइसिन में एंटी-कैंसर गुण हो सकते हैं, जो शरीर में कैंसर कोशिकाओं की वृद्धि को रोकने में सहायक हो सकते हैं।

सावधानी

दूसरी ओर, कुछ अध्ययनों में यह भी पाया गया है कि हरी मिर्च का अत्यधिक सेवन गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल कैंसर (जैसे एसोफैगल कैंसर) के जोखिम को बढ़ा सकता है।

लंग कैंसर से बचाव के प्रभावी उपाय

हरी मिर्च का सेवन कैंसर रोकने में कारगर साबित नहीं हुआ है। इसके बजाय, निम्नलिखित उपाय अपनाएं:

1. धूम्रपान से बचें:
सिगरेट, बीड़ी और अन्य धूम्रपान उत्पाद लंग कैंसर के सबसे बड़े कारण हैं। इनसे दूरी बनाएं।

2. संतुलित आहार लें:
ताजे फल, सब्जियां, और एंटीऑक्सीडेंट युक्त खाद्य पदार्थों को अपनी डाइट में शामिल करें। विटामिन और मिनरल्स से भरपूर भोजन कैंसर के जोखिम को कम करता है।

3. नियमित व्यायाम करें:
रोजाना एक्सरसाइज करने से इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर कैंसर जैसी बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है।

4. वायु प्रदूषण से बचाव करें:
मास्क का इस्तेमाल करें और प्रदूषण वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। वायु प्रदूषण लंग कैंसर का एक बड़ा कारण है।

हरी मिर्च में मौजूद पोषक तत्व स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, लेकिन यह लंग कैंसर को रोकने का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। डॉ. रमन नारंग के अनुसार, सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी दावे को सच मानने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना आवश्यक है। लंग कैंसर से बचाव के लिए स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं और धूम्रपान से दूर रहें।

This post was published on 16/01/2025 12:19 PM

D S Sijwali: Work on Mass Media since 2002 ........