X

त्रिभाषीय बंगाणी शब्दकोश का दून पुस्तकालय में लोकार्पण

देहरादून, 27 जनवरी,2025। दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र की ओर से केंद्र के सभागार में आज सायं बलबीर सिंह रावत द्वारा संकलित त्रिभाषीय बंगाणी शब्दकोश बंगानी-हिंदी-अंग्रेजी, का लोकार्पण किया गया। इस का प्रकाशन समय साक्ष्य द्वारा किया गया है। प्रकाशक का मानना है कि बंगाणी भाषा का यह पहला शब्दकोष है।

उत्तराखण्ड के उत्तर पश्चिम में स्थित उत्तरकाशी जनपद का सीमांत बंगाण क्षेत्र विकास खण्ड मोरी में स्थित है। बंगाण क्षेत्र अपनी समृद्ध सांस्कृतिक परम्पराओं, रीति रिवाज, बोली भाषा, पहनावा, खान-पान और आतिथ्य सत्कार के लिए प्रसिद्ध है।

हिमाचल प्रदेश की सीमा से लगे बंगाण क्षेत्र में बंगाणी भाषा बोली जाती है। बलबीर सिंह रावत द्वारा संकलित यह शब्दकोश बंगाणी भाषा का पहला शब्दकोश है। इस शब्दकोश में शब्दों को हिन्दी-बंगाणी-अंग्रेजी के क्रम में दिया गया है। उत्तराखण्ड राज्य गठन के बाद पहली बार किए गए भाषा सर्वेक्षण में बंगाणी को एक अलग भाषा के रूप में रेखांकित किया गया है। इससे पूर्व बंगाणी समाज के विषय में लिखी गई पहली किताब बंगाण समाज, भाषा एवं लोक साहित्य की रचना भी बलबीर सिंह रावत द्वारा की गई थी।

लोकार्पण समारोह में बोलते हुए उत्तराखण्ड शासन के उपसचिव देवेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि बलबीर सिंह रावत ने बंगाणी शब्दों का संकलन कर यह एक महत्वपूर्ण कार्य किया है। उन्होंने कहा कि यह शब्दकोश बंगाणी भाषा को पहचान दिलाने में सहायक सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में अतिथिवक्ता वरिष्ठ साहित्यकार महाबीर रवांल्टा ने कहा कि बंगाणी शब्दकोश में शब्दों को उनकी उपयोगिता के हिसाब से अध्यायों में बांटा गया है।

शब्दकोश में अंगबोधक शब्द, वस्त्राभूषण षब्द, खान-पान, वनस्पति, खेती-बाड़ी, घर-द्वार, व्यवसाय आदि जीवन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों सम्बन्धित पाठ हैं। पूर्व अधिषासी अभियंता जगमोहन चौहान ने कहा कि कुछ समय पूर्व तक बंगाणी भाषा व बंगाण क्षेत्र के विषय में पुस्तकें उपलब्ध नहीं थीं। अब बलबीर सिंह रावत ने शब्दकोष के साथ ही क्षेत्र का संक्षिप्त इतिहास, भूगोल व लेाक साहित्य लिखकर इस कमी को पूरा किया है। रंगकर्मी सुभाष रावत ने कहा कि यह शब्दकोष बंगाणी भाषा का पहला स्वतन्त्र शब्दकोश है। बलबीर सिंह रावत का यह कार्य इतिहास में दर्ज हो गया है।

कार्यक्रम से पूर्व केंद्र के प्रोग्राम एसोसिएट चंद्रशेखर तिवारी ने सभी लोगों का स्वागत किया।

कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ रंगकर्मी डॉ. बी. के. डोभाल द्वारा किया गया। इस अवसर पर जनकवि डॉ अतुल शर्मा, डॉ. योगेश धस्माना, हरिओम पाली, आर पी विशाल, सतीश धौलाखण्डी, राकेश कुमासर, प्रवीन भट्ट, सुंदर सिंह बिष्ट, आलोक सरीन, मेघा, विवेक कुमार सहित बंगान समाज क्षेत्र के अनेक लोग व युवा पाठक ,लेखक आदि उपस्थित थे।


दून पुस्तकालय एवं शोध केन्द्र, लैंसडाउन चौक, देहरादून,9410919938

This post was published on 27/01/2025 1:14 PM

swati tewari: working in digital media since 5 year
Related Post