शासन ने 10 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से पिरूल खरीदने का आदेश जारी कर दिया है। पहले यह तीन रुपये प्रति किलो था। वनाग्नि एक बड़ा कारण चीड़ की पत्ती पिरूल भी है।पिरूल की समस्या से निपटने और पिरूल एकत्रित करने के माध्यम से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए वन विभाग लोगों को तीन रुपये प्रति किलो के हिसाब से भुगतान करता था। यह व्यवस्था मई-2023 से लागू थी। अब शासन ने पिरूल के प्रति किलोग्राम दर में बदलाव करने का आदेश जारी किया है। इसमें लोगों को दस रुपये प्रति किलो दिया जाएगा। वन क्षेत्र के अंतर्गत क्रय सीमा 50 करोड़ तय की गई है।
केंद्र सरकार रविवार 20 अगस्त से विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 40 रुपये प्रति किलो की दर पर टमाटर बेचेगी। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया और नेशनल कोऑपरेटिव कंज्यूमर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड को यह निर्देश दिया है। दिल्ली-एनसीआर में टमाटर की…
वनाग्नि को रोकने में लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के कई अधिकारी निलंबित मुख्यमंत्री के निर्देश पर वनाग्नि को रोकने में लापरवाही बरतने वाले वन विभाग के 10 कार्मिकों को निलंबित किया गया है। अन्य कुछ कार्मिकों पर भी अनुशासनात्मक कार्यवाही के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को…
Uttarakhand: प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय बढ़ी, उत्तराखंड की आर्थिकी ने कुछ हद तक सकारात्मक आंकड़े दर्शाएं है। राज्य सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2024-25 में 3.78 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है। वहीं विकास दर 6.61 प्रतिशत रहने का अनुमान है। प्रति व्यक्ति वार्षिक आय भी 2.46 लाख से…