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Janmastami 2025: भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर अर्पित करें ये चीजें

जन्माष्टमी 2025: भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर हर साल दुनिया भर में जन्माष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। हिंदू धर्म के अनुसार, श्री हरि के 8वें अवतार भगवान कृष्ण का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रोहिणी नक्षत्र में हुआ था।

जन्माष्टमी को लेकर बहुत से लोगों में असमंजस की स्थिति है । हालाँकि, हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह की कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि 15 अगस्त को रात 11.49 बजे से शुरू होकर 16 अगस्त को रात 9.24 बजे तक रहेगी।

अर्पित करें ये चीजें

जन्माष्टमी की पूजा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के दौरान उन्हें मोर पंख, बांसुरी और पीले रंग के वस्त्र जरूर अर्पित करने चाहिए। ये सभी चीजें भगवान श्रीकृष्ण को अति प्रिय मानी गई हैं। ऐसे में जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर इन चीजों को अर्पित करने से आपके ऊपर कान्हा जी की दया दृष्टि बनी रहती है।

जन्माष्टमी व्रत के नियम

  • अष्टमी तिथि के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन करें।
  • व्रत के दौरान दिन में सोने से बचें।
  • जन्माष्टमी के व्रत में अन्न और नमक ग्रहण करना वर्जित होता है। इसके अलावा तामसिक भोजन और मांस मदिरा का सेवन न करें।
  • जन्माष्टमी व्रत में आप फल, दूध, दही, कुट्टू के आटे से बनी रोटी, साबूदाना, शकरकंद, मखाने, नारियल पानी और ड्राई फ्रूट्स का सेवन कर सकते हैं।
  • जन्माष्टमी के व्रत का पारण रात 12 बजे कृष्ण जी का जन्‍म करवाने के बाद होता है। इसलिए सूर्योदय तक व्रत का पालन करें।

कृष्ण जी को लगाएं प्रिय भोग

जन्माष्टमी पर शुभ मुहूर्त में कृष्ण जी को उनके प्रिय भोग जरूर लगाने चाहिए, जैसे खीर, धनिया की पंजीरी, माखन मिश्री, चरणामृत आदि। इसके बाद आप इन्हीं भोग को प्रसाद के रूप में ग्रहण करके अपना व्रत खोल सकते हैं। लेकिन कान्हा जी को भोग लगाते उनके भोग में तुलसी पत्र जरूर डालें, क्योंकि इसके बिना उनका भोग अधूरा माना जाता है।

This post was published on 12/08/2025 2:55 AM

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