अल्मोड़ा नगर निगम में कामकाज को लेकर पार्षदों का आक्रोश खुलकर सामने आ गया है। निगम के सभी पार्षद अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
उनका कहना है कि नगर निगम बनने के बाद भी हालात पहले जैसे ही बने हुए हैं, जबकि वार्डों के लोग लगातार समस्याओं को लेकर पार्षदों को ही घेर रहे हैं।पार्षद दीपक कुमार ने आरोप लगाया कि सरकार ने नगर पालिका को नगर निगम में उच्चीकृत तो कर दिया, लेकिन इसके बाद जनता को किसी तरह का लाभ नहीं मिला। निगम बने एक साल बीतने के बावजूद नगर आयुक्त की नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे विकास कार्य ठप पड़े हुए हैं। पार्षद ने कहा कि निगम क्षेत्र में बंदरों का आतंक लगातार बढ़ रहा है। इस संबंध में कई बार निगम और जिला प्रशासन को लिखित शिकायतें दी गई, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला।
पार्षदों की मांग है कि नगर आयुक्त की तत्काल नियुक्ति की जाए। साथ ही बंदरों के आतंक पर ठोस कार्रवाई की जाए। जब तक धरातल पर काम शुरू नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा।दीपक कुमार ने यह भी चेतावनी दी कि यदि स्थानीय स्तर पर उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे देहरादून जाकर भी धरना देने के लिए तैयार हैं।
This post was published on 03/12/2025 10:14 AM