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129 साल पुराना है अल्मोड़ा शहर का मेथोडिस्ट चर्च

अल्मोडा स्थित ऐतिहासिक बडन मेमोरियल मेडिस्ट चर्च वर्ष 1897 में अल्मोड़ा मिशनरी के संस्थापक सदस्य और इंग्लैंड से भारत पहुंचे पास्टर जान हेनरी वार्डन की याद में बनाया गया। चर्च को बनाने में मिसनरी और स्थानीय लोगों समेत स्कूली बच्चों की अहम भूमिका रही। 129 साल पुरा यह चर्च आन इसाई समुदाय का प्रमुख धार्मिक स्थल है।

 

चर्च के पादरी के अनुसार सबसे पहले लंदन मिशनरी जेएच बडन ने यहां चर्च बनाने का निर्णय लिया था। करीब 1895 में अल्मोड़ा पहुंचे बडन ने यहां मिशनरी की स्थापना की। इसके बाद उन्होंनेसबसे पहले वर्तमान एलआर साह रोड के ऊपर स्थित गिरजाघर के भवन का निर्माण किया। वह चाहते थे कि इसी भवन में चर्च बने। बाद में उन्होंने रेमेजेइंटर कालेज की स्थापना की। बाद में एलआर साह रोड वाले भवन में चर्च बना दिया गया। उनकी याद में इसका नाम बडन मेमोरियल मेथोडिस्ट चर्च रखा गया। 

जिले की इस सबसे पुरानी चर्च को बनाने में उस समय मिशनरियों के अलावा स्थानीय लोगों और स्कूली बच्चों ने भी सरों में पत्थर ढोए थे। बाद में लंदन से मंगाई गई एक विशालकाय घड़ी इसकी दीवार पर लगा दी गई। जो उस समय में जब लोगों के पास समय देखने के लिए घड़ियां नहीं होती थीं दूर से ही उसमें देखकर अपना समय निर्धारित करते थे। यह चर्च रोमन इंग्लिश शैली में बना है।

आज अल्मोड़ा क्रिसमस डे के उपलक्ष में अल्मोड़ा के ऐतिहासिक चर्च Budden Memorial Church Almora में स्थानीय लोगों के साथ विदेशी पर्यटकों की काफी भीड़ दिखाई दी जिसमें पर्यटक काफी उत्साहित भी दिखाई दे रहे थे।वहीं मौसम ने भी लोगों का साथ दिया। भीनी भीनी धूप में किसमिस डे का पर्व मनाने के लिए क्रिस्चन ही नहीं सभी धर्मों के लोग यहां उपस्थित थे। लड़के लड़कियां बुजुर्ग बच्चों सारे लोग खासा उत्साहित नजर आ रहे थे। और ईसा मसीह को याद किया गया।

 

अल्मोड़ा का मशहूर बडन मेमोरियल चर्च (Budden Memorial Church Almora) आज भी अपनी खूबसूरती से लोगों को आकर्षित करता है। 

This post was published on 25/12/2025 7:30 AM

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