प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट 2026-27 को भारत के आर्थिक भविष्य के लिए एक निर्णायक और दूरदर्शी दस्तावेज
बताते हुए कहा है कि यह बजट केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि विकसित भारत की यात्रा को तेज करने वाला एक मजबूत रोडमैप है। उनके अनुसार, भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनकर संतुष्ट नहीं है, बल्कि जल्द से जल्द दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य लेकर आगे बढ़ रहा है। यह बजट वर्तमान की आवश्यकताओं और भविष्य की संभावनाओं, दोनों को संतुलित करते हुए देश के नागरिकों, खासकर युवाओं, महिलाओं और किसानों को केंद्र में रखता है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह बजट अपार अवसरों का राजमार्ग है, जो आज के सपनों को साकार करने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत आधार तैयार करता है। भारत जिन रिफॉर्म्स पर सवार होकर आगे बढ़ रहा है, बजट 2026-27 से उन्हें नई गति और स्पष्ट दिशा मिलेगी। उनके मुताबिक, यह बजट आत्मनिर्भर भारत, विकसित भारत और ग्लोबल भारत की सोच को एक साथ आगे बढ़ाने का प्रयास है, जिसमें स्किल, स्केल और सस्टेनेबिलिटी को मजबूती देने पर विशेष जोर दिया गया है।
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आर्थिक रिफॉर्म्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और सनराइज सेक्टर पर फोकस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट में आर्थिक रिफॉर्म्स को लेकर उठाए गए कदमों की सराहना करते हुए कहा कि देश में अब “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पूरी रफ्तार से चल पड़ी है। यह रफ्तार भारत के साहसिक, प्रतिभाशाली और आत्मविश्वास से भरे युवाओं को खुला आसमान देने वाली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास दर बढ़ाना नहीं है, बल्कि विकास की गुणवत्ता को बेहतर बनाना और उसे समावेशी बनाना भी है।
बजट में सनराइज सेक्टर को जिस मजबूती के साथ महत्व दिया गया है, उसे प्रधानमंत्री ने बेहद अहम बताया। रेयर अर्थ कॉरिडोर, क्रिटिकल मिनिरल्स पर विशेष बल, टेक्सटाइल सेक्टर का आधुनिकीकरण और हाईटेक टूल मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा देकर सरकार भविष्य की वैश्विक जरूरतों को ध्यान में रख रही है। प्रधानमंत्री के अनुसार, ये सेक्टर न केवल भारत की औद्योगिक क्षमता को मजबूत करेंगे, बल्कि देश को ग्लोबल सप्लाई चेन में एक भरोसेमंद भागीदार भी बनाएंगे।
इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री ने ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि बजट में इंफ्रा को मजबूत करने के लिए कई बड़े और निर्णायक कदम उठाए गए हैं। हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर का विस्तार, खासतौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों तक, इन क्षेत्रों के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा देगा। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि छोटे और मझोले शहरों को भी राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा सकेगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत की यात्रा में इंफ्रास्ट्रक्चर की भूमिका सबसे अहम होती है। सड़क, रेल, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल कनेक्टिविटी और शहरी विकास पर किए गए निवेश से देश की उत्पादकता बढ़ेगी और निवेश का माहौल और मजबूत होगा। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि बजट में हाई कैपेक्स और हाई ग्रोथ के बीच संतुलन बनाया गया है, जिससे विकास की गति बनी रहे और वित्तीय अनुशासन भी कायम रहे।
उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस बजट में फिस्कल डेफिसिट को कम करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसके बावजूद, पूंजीगत व्यय में कोई समझौता नहीं किया गया है। प्रधानमंत्री के अनुसार, यह संतुलन भारत की वैश्विक साख को और मजबूत करता है और देश को एक जिम्मेदार और भरोसेमंद अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित करता है।
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युवा शक्ति, महिला सशक्तिकरण, किसान और रोजगार के लिए व्यापक दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद में वित्त मंत्री द्वारा बजट को “युवा शक्ति बजट” बताए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह पूरी तरह से सही है। उनके अनुसार, बजट 2026-27 में युवाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलने पर विशेष फोकस किया गया है। ऑरेंज इकोनॉमी, पर्यटन और खेलो इंडिया मिशन के जरिए युवाओं को रोजगार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता के नए रास्ते मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि भारत को दुनिया का डेटा सेंटर हब बनाने की दिशा में बजट में टैक्स में बड़ी छूट दी गई है। इससे न केवल टेक्नोलॉजी सेक्टर को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि युवाओं के लिए हाई-स्किल जॉब्स के अवसर भी तेजी से बढ़ेंगे। प्रधानमंत्री के अनुसार, डिजिटल इंडिया और डेटा इकोनॉमी भारत की नई ताकत बनकर उभर रही है, और यह बजट उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
This post was published on 02/02/2026 3:23 AM