होमगार्ड विभाग में वर्दी खरीद में कथित घपले के आरोपों की शासन स्तर से जांच कराई जाएगी। गृह विभाग ने इस संबंध में डायरेक्टर जनरल होमगार्ड डॉ. पीवीके प्रसाद के पत्र का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू करने का निर्णय लिया है।
होमगार्ड विभाग में वित्तीय वर्ष 2024-25 के दौरान जवानों के लिए वर्दी की खरीद की गई थी। आरोप है कि डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमिताभ श्रीवास्तव ने ठेकेदार से मिलीभगत कर बाजार भाव से लगभग तीन गुना अधिक कीमत पर वर्दी की खरीद कराई। इसके साथ ही अन्य सामग्री भी बाजार दर से कहीं ज्यादा कीमत पर खरीदी गई।
मामला संज्ञान में आने के बाद डीजी होमगार्ड ने संबंधित टेंडर को निरस्त कर दिया और पूरी रिपोर्ट शासन को भेजी। रिपोर्ट में आरोपित डिप्टी कमांडेंट को बर्खास्त किए जाने का भी अनुरोध किया गया है। अब शासन ने इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच कराने का फैसला लिया है।
सूत्रों के अनुसार यह पूरी खरीद प्रक्रिया जेम्स (GeM) पोर्टल के माध्यम से की गई थी। दावा किया गया है कि सबसे कम दरों पर टेंडर स्वीकृत किया गया, लेकिन इसके बावजूद टेंडर प्रक्रिया में मिलीभगत कर कीमतें बढ़ाने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
मामले में एक नया मोड़ तब आया जब आरोपित डिप्टी डायरेक्टर जनरल अमिताभ श्रीवास्तव ने भी डायरेक्टर जनरल होमगार्ड के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने डीजी पर विभिन्न आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। उनका यह पत्र भी शासन को प्राप्त हो चुका है।
गृह सचिव शैलेश बगौली ने बताया कि मामले से जुड़े सभी पत्रों और शिकायतों की जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई पर निर्णय लिया जाएगा।

