पटवारी भर्ती परीक्षा में नकल कराने के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में उत्तरकाशी के पूर्व जिला पंचायत सदस्य हाकम सिंह को उत्तराखंड हाईकोर्ट से राहत मिली है। हाईकोर्ट ने हाकम सिंह की जमानत याचिका स्वीकार कर ली है। इससे पहले इसी मामले में उसके सहयोगी पंकज गौड़ को भी जमानत मिल चुकी है।
हाईकोर्ट की शीतकालीन अवकाश पीठ में बुधवार को न्यायमूर्ति आलोक मेहरा की एकलपीठ ने हाकम सिंह की जमानत अर्जी पर सुनवाई की। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अवतार सिंह रावत ने दलील दी कि अभियोजन के पास हाकम सिंह के खिलाफ नकल कराने से संबंधित कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है। पुलिस ने उसे केवल पुराने मामलों के रिकॉर्ड के आधार पर गिरफ्तार किया है।
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि मामले में सह-आरोपी को पहले ही जमानत दी जा चुकी है, ऐसे में हाकम सिंह को जमानत से वंचित रखना न्यायसंगत नहीं होगा। कोर्ट ने प्रस्तुत तथ्यों पर विचार करते हुए जमानत मंजूर कर दी।
उल्लेखनीय है कि 20 सितंबर 2025 को पटवारी भर्ती परीक्षा से ठीक एक दिन पहले देहरादून पुलिस और एसटीएफ की संयुक्त कार्रवाई में हाकम सिंह और पंकज गौड़ को गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि दोनों परीक्षा में चयन कराने का भरोसा दिलाकर अभ्यर्थियों से 12 से 15 लाख रुपये तक की रकम वसूलने की कोशिश कर रहे थे। मामले को लेकर जांच एजेंसियां अब भी अपनी कार्रवाई में जुटी हुई हैं।

