हिंटन ने गलत सूचना के खतरों के प्रति आगाह किया
वाशिंगटन – अमेरिका को एटम बम बनाने का आईडिया देने वाले प्रसिद्ध वैज्ञानिक अल्बर्ट आइंस्टीन ने इसे अपने जीवन की सबसे बड़ी गलती माना था और कहा था कि यह मानवता के लिए सबसे बड़ा खतरा होगा। ऐसा ही कुछ ऐसा ही अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस( एआई) के जनक जैफ्री हिंटन ने भी स्वीकार किया है।
उन्होंने बताया कि भविष्य में यह तकनीक मानवता के लिए खतरा होगी उन्होंने गूगल से इस्तीफा दे दिया। जैफ्री हिंटन ने अपने इस्तीफे की पुष्टि करते हुए कहा कि हमने जिस तकनीक को विकसित किया उसमें कई खतरे हैं। उन्होंने जीवन भर इस तकनीक पर काम करने के लिए खुद खेद जताया, और कहा कि इसके खतरों के बारे में खुलकर बोलने के लिए ही मैंने नौकरी छोड़ी है इंटर ने कहा कि हमें यह देखना है कि इस तकनीक को गलत हाथों में जाने से कैसे रोकते हैं जैसे-जैसे कंपनियां इस तकनीक में सुधार कर रही हैं उन्हें लगता है कि खतरा और बढ़ता जा रहा है ।
गूगल ने रखा अपना पक्ष तकनीक को लेकर जैफ्री हिंटन द्वारा जताई गई चिंताओं पर गूगल के वरिष्ठ वैज्ञानिक जिस दिन ने कहा कि इस तकनीक के इस्तेमाल को रोकने के लिए हम जिम्मेदार दृष्टिकोण बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हमेशा से प्रतिबद्ध हैं।
उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मैंने इसलिए इस्तीफा दिया ताकि मैं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के खतरों के बारे में लोगों से बात कर सकूँ।
जानिए कौन है जैफ्री हिंटन
एआई तकनीक के जनक जैफ्री हिंटन को टॉरंटो यूनिवर्सिटी में डीप लर्निंग और न्यूरल नेटवर्क में अपने काम के लिए जाना जाता है।
उन्होंने 1970 में कैंब्रिज के से एक्सपेरिमेंटल साइकोलॉजी और बीए और 1978 में एडिनबर्ग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से पीएचडी की है। सेंसेक्स और कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय में काम किया मेलन विश्वविद्यालय में कंप्यूटर साइंस के फैकल्टी मेंबर रहे । कैनेडियन इंस्टीट्यूट में एडवांस रिसर्च फेलो रहे 1998 से 2001 तक यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन में गेट सभी कम्युनिकेशनल न्यूरोसाइंस यूनिट में 3 साल काम किया 2013 में वह माउंटेन व्यू और गूगल के लिए काम करते रहे उन्होंने आई को विकसित करने में अहम योगदान दिया।
एआई के यह प्रमुख खतरे
🤖 आने वाले समय में इंसान से भी ज्यादा बुद्धिमान होगी यह तकनीक ।
🤖भविष्य में क्षेत्र में ऐसी प्रतिस्पर्धा आएगी जिसे रोक पाना असंभव होगा।
🤖 आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऐसे लक्ष्य बना सकता है जिससे किसी भी व्यक्ति को अधिक शक्ति मिल सकती है।
🤖 ऐसे लोग भी एआई का प्रयोग करने का प्रयास करेंगे जो दुनिया के लिए खतरा है इसमें इतनी सामग्री होगी कि नकली असली की पहचान मुश्किल हो जाएगी।
हिंटन इस बात से भी चिंतित थे कि एआई अंततः पैरालीगल, व्यक्तिगत सहायकों और अन्य “कठोर कार्य” जैसी नौकरियों की जगह ले लेगा, और भविष्य में संभावित रूप से अधिक होगा।

