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उत्तराखण्ड के मीडियाकर्मियों के अनेक मुद्दों को एनयूजे ने रखा मुख्यमंत्री के समक्ष, ‘प्रेस’ लिखे वाहनों का भी किया जिक्र

दूर दराज के क्षेत्रों से अपनी समस्याओं को लेकर देहरादून आने वाले मीडियाकर्मियों को महानिदेशक की अन्य विभागीय कार्यों में व्यस्तता के चलते मुलाकात करना मुश्किल होता

देहरादून। नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ने उत्तराखण्ड के मीडियाकर्मियों के अनेक मुद्दों की ओर मुख्यमंत्री पुष्कर धामी का ध्यान आकृष्ठ करते हुए सरकार व शासन स्तर पर सकारात्मक पहल करते हुए उनके समयबद्ध निस्तारण की मांग की है।
यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने मुख्यमंत्री आवास में मुख्यमंत्री से भेंट कर उन्हें अवगत कराया कि सूचना एवं लोक संपर्क विभाग, सरकार की योजनाओं के प्रचार प्रसार और मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करने वाला एक महत्वपूर्ण विभाग है। जिस कारण यहां ऐसे एकल प्रभार वाले स्थायी महानिदेशक की नियुक्ति होनी चाहिए, जो केवल सरकारी कार्यक्रमों के प्रचार-प्रसार और मीडिया के साथ समन्वय स्थापित करने का कार्य करें।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से महानिदेशक के पास अन्य विभागों के दायित्व होने के कारण जहां उन पर काम का अधिक दबाव रहता है वहीं सभी विभागों को समय भी देना पड़़ता है।

इससे सूचना एवं लो0सं0 विभाग के कार्य भी प्रभावित होते हैं। जबकि सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार सहित तमाम ऐसे विभागीय कार्य होते हैं। जिनकी प्रगति की नियमित समीक्षा, निगरानी और भविष्य की कार्ययोजनाओं पर निरंतर कार्य करने की आवश्यकता होती है।

भट्ट ने कहा कि राज्य के दूर दराज के क्षेत्रों से अपनी समस्याओं को लेकर देहरादून आने वाले मीडियाकर्मियों को महानिदेशक की अन्य विभागीय कार्यों में व्यस्तता के चलते मुलाकात न हो पाने के कारण परेशान होना पड़ता है। अतः कुछ ऐसी व्यवस्था की जानी चाहिए कि महानिदेशक सूचना के पास केवल सूचना एवं लोक संपर्क विभाग का ही दायित्व हो और वे नियमित रूप से विभाग में उपलब्ध हों।

समस्या समाधान समिति का गठन किया जा सकता है- भट्ट


त्रिलोक चन्द्र भट्ट ने मुख्यमंत्री से कहा कि राज्य के मीडियाकर्मियों की अनेक ऐसी समस्याएं होती हैं, जो सूचना निदेशालय/मुख्यालय स्तर की होती हैं। समस्याओं को सुलझाने एवं उनके समाधान के लिए राज्यस्तर पर पत्रकार संगठनों व निदेशालय के अधिकारियों को शामिल करते हुए समस्या समाधान समिति का गठन किया जा सकता है। जिसके लिए समयबद्ध आवेदन मांगने और सुनवाई करने के लिए तिथि नियत होनी चाहिए। इसके लिए उन्होंने राजस्थान के सूचना एवं जन संपर्क विभाग द्वारा राज्य स्तरीय समस्या समाधान समिति के गठन का उदाहरण भी दिया।


भट्ट ने मुख्यमंत्री से यह भी कहा कि सरकार द्वारा पत्रकारों के कल्याण के लिए गठित विभिन्न समितियों की समयबद्ध बैठकें आयोजित नहीं हो पा रही हैं। जिससे पत्रकार कल्याण से जुड़े अनेक मामले लंबित हो जाते हैं। श्री भट्ट ने नेशनलिस्ट यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स की और मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए महाराष्ट्र एवं छत्तीसगढ़ की तर्ज पर पत्रकार सुरक्षा कानून, पत्रकारों के लिए दुर्घटना बीमा, कैशलेश चिकित्सा सुविधा, सहित अनेक मांगों को उनके समक्ष रखते हुए यथोचित कार्यवाही करने का अनुरोध किया।

उन्होंने पूरे राज्य में अनाधिकृत रूप से ‘प्रेस’ लिखे वाहनों का भी जिक्र करते हुए बताया कि ऐसे प्रेस लिखे वाहनों की आड़ में अपराधिक घटनाएं सामने आ रही हैं अतः उनके विरूद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।

By swati tewari

working in digital media since 5 year

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