शुक्रवार व शनिवार को मोरक्को देश एक भयानक भूकंप की चपेट में आया। जिसमें सैकड़ो की संख्या में मौत की खबर आ रही है जबकि हजारों लोग घायल है। ताज़ा आकड़ो के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़कर 820 हुई।
मोरक्को के लोगों ने वीडियो पोस्ट किए जिसमें इमारतें मलबे और धूल में तब्दील हो गईं और यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल ऐतिहासिक माराकेच में पुराने शहर को घेरने वाली प्रसिद्ध लाल दीवारों के कुछ हिस्से क्षतिग्रस्त हो गए। अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने कहा कि भूकंप की प्रारंभिक तीव्रता 6.8 थी, जब यह रात 11:11 बजे आया, झटके कई सेकंड तक रहे। मोरक्को के राष्ट्रीय भूकंपीय निगरानी और चेतावनी नेटवर्क ने रिक्टर पैमाने पर इसकी तीव्रता 7 मापी। भूकंप का केंद्र मराकेश से 44 मील (71 किलोमीटर) दक्षिण-पश्चिम में हाई एटलस पर्वत में था। भूकंप के झटके स्पेन और पुर्तगाल तक महसूस किए गए। भूकंप के कारण इमारतों को नुकसान पहुंचा और बिजली कटौती हुई। अमेरिकी एजेंसी ने 19 मिनट बाद 4.9 तीव्रता का झटका आने की सूचना दी।
मोरक्को के आंतरिक मंत्रालय का कहना है कि भीषण भूकंप में मरने वालों की संख्या बढ़कर 820 हो गई है, जबकि कम से कम 672 लोग घायल हुए हैं।
विश्व नेताओं ने मोरक्को के प्रति अपनी संवेदनाएं और मदद की पेशकश की है । भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मोरक्को में आए भूकंप में जानमाल के नुकसान पर शोक व्यक्त किया है। मोदी ने ट्वीट किया कि भारत इस कठिन समय में मोरक्को को हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का कहना है कि वह भूकंप की खबर से “तबाह” हैं, उन्होंने कहा कि “फ्रांस प्राथमिक चिकित्सा में मदद के लिए तैयार है”।
