अल्मोड़ा स्थित विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में गुरुवार को 47वें कृषि विज्ञान मेले का आयोजन किया गया। श्री अन्न अपनाएं पोषण सुरक्षा बढ़ाएं विषय पर आयोजित इस मेले में प्रदेश के सभी जिलों के काश्तकारों, किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और स्वयं सहायता समूहों ने हिस्सा लिया।
सांसद अजय टम्टा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के हित में लगातार काम कर रही है और किसानों को खेती की नई उन्नत तरीकों की जानकारी दी जा रही है। उन्होने कहा कि संस्थान के वैज्ञानिकों के प्रयासों से श्री अन्न की नई प्रजातियां विकसित हो रही हैं और इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा।
गोविन्द बल्लभ पन्त कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय पन्तनगर के निदेशक, प्रसार शिक्षा निदेशालय डॉ. जय प्रकाश जायसवाल ने संस्थान की प्रजाति एवं लघु यंत्रों के विकास के क्षेत्र में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों हेतु सराहना करते हुए लघु यंत्रों द्वारा समय व श्रम की बचत के महत्व को बताया।

डी.ए. आर. एल. के पूर्व निदेशक एम.सी. जोशी ने कहा कि विवेकानन्द संस्थान की ख्याति हिन्दुस्तान के अलावा विदेशों में भी जानी जाती है उन्होंने कृषकों से कहा कि वे दृढ़ संकल्प एवं कार्य से आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में अपना सफल योगदान दे सकते हैं क्योंकि पर्वतीय क्षेत्रों में घाटी से लेकर ऊँचाई तक फसल उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। कार्यक्रम प्रमुख आकाशवाणी अल्मोड़ा रमेश चन्द्रा ने कृषि क्षेत्र में संस्थान के योगदान की प्रशंसा की तथा देश द्वारा खाद्यान्न निर्यात के क्षेत्र में बढ़ोत्तरी की जानकारी दी। मुख्य अतिथि, अध्यक्ष एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा संस्थान की प्रजातियों नामत गेहूँ की वी. एल. कुकीज़, सब्जी मटर की वी. एल. उपहार तथा मसूर की वी. एल. मसूर 150 का लोकार्पण किया गया।
इसके साथ ही संस्थान के प्रकाशनों नामतः वार्षिक प्रतिवेदन 2022 तथा संस्थान समाचार पत्रिका का विमोचन किया गया एवं सी.आई.ए.ई. वी. एल. मल्टीक्रॉप थ्रैशर का भी लोकार्पण किया गया।
कार्यक्रम के अध्यक्ष विधायक मनोज तिवारी ने संस्थान की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कृषकों का आह्वान किया कि वे जैविक खेती कर अपनी आय सुदृढ़ करें। उन्होंने कहा कि कृषक दृढ़ इच्छा शक्ति रखकर कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं और आजीविका को बढ़ा सकते हैं।
इस अवसर पर वी. एल. पॉलीटनल के निर्माण हेतु संस्थान तथा परासर एग्रोटेक बायो प्राईवेट लिमिटेड, वाराणसी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये। मेले के दौरान प्रगतिशील किसान मदन मोहन गिरी, मोहन सिंह बिष्ट, दीपक कुमार, महिपाल टम्टा, लीला देवी, पूरन आर्य एवं प्रह्लाद कोश्यारी को पुरस्कृत किया गया। इससे पहले संस्थान के निदेशक डॉ. लक्ष्मी कान्त द्वारा मुख्य अतिथि, अध्यक्ष, विशिष्ट अतिथियों, आगन्तुकों व कृषकों का स्वागत करते हुए संस्थान की स्थापना तथा पर्वतीय कृषि के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए गए शोध कार्यों तथा विकसित तकनीकों का विवरण दिया गया।
किसान मेले में आयोजित प्रदर्शनी में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अनेक संस्थानों, कृषि विज्ञान केन्द्रों एवं सरकारी तथा गैर सरकारी संस्थानों द्वारा प्रतिभाग किया गया एवं लगभग 28 प्रदर्शनियाँ लगाई गयी। इस अवसर पर विभिन्न संस्थानों एवं विभागों के वैज्ञानिक एवं अधिकारी के अलावा विभिन्न क्षेत्रों से आये 600 कृषक भी उपस्थित थे। मेले में आयोजित कृषक गोष्ठी में पर्वतीय कृषि से सम्बन्धित विभिन्न पहलुओं पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की गई, साथ ही कृषकों की विभिन्न समस्याओं का कृषि वैज्ञानिकों द्वारा त्वरित समाधान किया गया। विभिन्न कृषकों द्वारा अपने अनुभव साझा किये गये। किसान मेले कृषक गोष्ठी का संचालन डा. बी. एम. पाण्डेय, कार्यक्रम का संचालन डा. अनुराधा भारतीय एवं धन्यवाद प्रस्ताव डा. निर्मल कुमार हेडाऊ, विभागाध्यक्ष द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश बहुगुणा, महामंत्री धर्मेंद्र बिष्ट, सभासद हेम तिवारी, पंकज जोशी समेत कई जिलों के प्रगतिशील किसान व अन्य कई लोग मौजूद रहे।
