बागेश्वर -श्री आदर्श रामलीला कमेटी खौलसीर रीठागाड में 30 अक्टूबर से रामलीला मंचन का भव्य आयोजन हो रहा है।
खौलसीर श्री आदर्श रामलीला कमेटी ने सबसे पहले क्षेत्र की मात्र शक्ति के द्वारा 30 अक्टूबर को कुमाऊं संस्कृति में पिछौड व सिर तांबे के गागर के साथ कलश यात्रा निकाली। इस कार्यक्रम में क्षेत्र वासियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। ढोल दमू व मात्र शक्ति के द्वारा कलश यात्रा के साथ सुबह पूजा अर्चना के बाद शाम को विधिवत रामलीला मंचन का आयोजन किया गया।

रामलीला कर्यक्रम के प्रथम दिवस नटी सूत्रधार प्रवेश, नारद मोह, सवण कुम्भकर्ण एवं विभीषण तपस्या, शिव द्वारा वरदान, रावण का कैलाश उठान रावण त्रास मुनियों की तपस्या एवं आकाशवाणी, दशरथ का पुत्रेष्ठि यज्ञ, राम का भाइयों सहित जन्म, जनक का हल चलाना एवं सीता जन्म का सुंदर मंचन किया गया।
दूसरे दिन विश्वामित्र जी का राम -लक्ष्मन माँगना, ताडिका सुवाहू बंध, मारिच को उठाना, जनक पत्रिका, अहिल्या तारण,विश्वामित्रा जनक वार्ता, पुष्प वाटिका प्रवेश एवं गौरी पूजन के दृश्य देखने लायक थे।

तीसरे दिन जनक दरबार राजा जनक जी का धनुष यज्ञ, देश-देशान्तर के राजाओं द्वारा धनुष तोड़ने का प्रयास, वार्ता, आकाशवाणी जनक को निराशा एवं माता सुनैना का दुःख सीता का दुखी होना, राम द्वारा धनुष भंग, लक्ष्मण एवं परशुराम संवाद तथा राम-सीता विवाह कार्यक्रम हुए। जिसे दर्शकों को कार्यक्रम के अंत तक बांधे रखा।

चतुर्थ दिवस आज राम राज्याभिषेक की तैयारी, मंथरा कैकयी संवाद दशरथ का वर देना, माताओं का दुःख राम-सीता एवं लक्ष्मण संवाद तथा वनवास का आयोजन होगा।
खौलसीर रीठागाड में चलने वाली दस दिवसीय रामलीला को देखने दूर-दूर से दर्शक पहुंच रहे हैं और सुंदर रामलीला मंचन का आनंद उठा रहें है।
