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नहीं रहे प्रसिद्ध रंगकर्मी पियूष पाण्डे, ‘कोसी का घटवार’ जैसी कई कहानियों में किया जीवंत अभिनय

लखनऊ, 16 दिसंबर। लखनऊ रंगमंच के सुपरिचित अभिनेता और लखनऊ की कुमाऊँनी रामलीला के लोकप्रिय अभिनेता-गायक-निर्देशक पियूष पाण्डे का आज सुबह छह बजे निधन हो गया। वे कुछ महीने से कैंसर से जूझ रहे थे। पाँच दिन पहले हालत बिगड़ने पर उन्हें लखनऊ कैंसर अस्पताल में भर्ती किया गया था। वहीं उन्होंने अंतिम सांस ली।
66 वर्षीय पियूष पाण्डे रंग संस्थाओं ‘दर्पण’, ‘लक्रीस’ और ‘आँखर’ से घनिष्ठ रूप से संबद्ध थे जिनके लिए उन्होंने दर्जनों नाटकों में अभिनय और कई का निर्देशन भी किया। आकाशवाणी और दूरदर्शन से भी उनके अभिनीत नाटक प्रसारित हुए। उर्मिल कुमार थपलियाल निर्देशित ‘हरिशचन्नर की लड़ाई’ और देवेन्द्र राज अंकुर निर्देशित शेखर जोशी की कहानी ‘कोसी का घटवार’ में उनका अभिनय याद किया जाता है। इनके अलावा भी उन्होंने कई चर्चित नाट्य निर्देशकों के साथ काम किया। मुरली नगर की प्रख्यात कुमाऊँनी रामलीला के उन्होंने बचपन से विभिन्न पात्रों का किरदार निभाया। राम के पात्र के तो वे पर्याय ही थे। उनके पिता स्व पीताम्बर पाण्डे कुमाऊँनी रामलीला के चर्चित संगीत निर्देशक और शिक्षक थे। पियूष पाण्डे पिछले कई वर्ष से वे महानगर रामलीला समिति की रामलीला का निर्देशन कर रहे थे। जयपुरिया स्कूल, गोमतीनगर में भी वे विद्यार्थियों को संगीत और नाट्य कला का प्रशिक्षण देते थे। वे अविवाहित थे।
भैंसाकुंड विद्युत शवदाह गृह में दोपहर उनका अंतिम संस्कार किया गया। शहर के अनेक रंगकर्मियों, संस्कृति कर्मियों और रचनाकारों ने उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।

By swati tewari

working in digital media since 5 year

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