केदारनाथ उपचुनाव को लेकर तैयारी शुरू
केदारनाथ विधानसभा का उपचुनाव अक्तूबर में हो सकता है। अक्तूबर माह में महाराष्ट्र, हरियाणा और झारखंड राज्यों के लिए विधानसभा चुनाव होने हैं, संभावना जताई जा रही है कि इसी समय केदारनाथ उपचुनाव भी करा लिए जाएंगे।
केदारनाथ की विधायक शैलारानी रावत का गत नौ जुलाई को निधन हो चुका है, इसी के साथ विधानसभा सचिवालय यहां सीट रिक्त होने की सूचना भारत निर्वाचन आयोग को भेज चुका है। हालांकि यहां नए चुनाव के लिए अभी जनवरी प्रथम सप्ताह तक का समय शेष है, लेकिन संभावना यही जताई जा रही है कि उपचुनाव अक्तूबर में ही करा लिए जाएं। ऐसे में भाजपा संगठन ने अभी से इस विधानसभा सीट पर जीत को सुनिश्चित करने के लिए समीकरण बनाने प्रारंभ कर दिए हैं भले ही अभी इस सीट पर चुनाव होने की घोषणा न हुई हो लेकिन भाजपा अपनी तैयारीयों को अंतिम रूप देने में जुट गई है क्षेत्र में माहौल बनाने के लिए सरकार के 5 मंत्रियों को वहां पर भेज कर सरकार अपनी प्राथमिकता जन-जन तक पहुंचाएगी वही प्रांतीय पदाधिकारी को भी इसकी जिम्मेदारी दी जा रही है पार्टी नेतृत्व क्षेत्र में निरंतर फीडबैक भी ले रहा है ताकि विपक्ष की तैयारी की मॉनिटरिंग की जा सके विधानसभा की बदरीनाथ और मंगलोर सीट उपचुनाव में हार के बाद भाजपा इस सीट को खोना नहीं चाहती है तथा केदारनाथ चुनाव को लेकर बीजेपी का विशेष फोकस है संगठन का मानना है कि उत्तराखंड में केदारनाथ सीट पर उपचुनाव होना है लेकिन अभी उत्तराखंड में आपदा की स्थिति बनी हुई है और सभी मंत्री और नेता आपदा क्षेत्र में है स्थितियां सामान्य होने के साथ ही सभी नेता और मंत्री केदारनाथ उप चुनाव की तैयारी में लग जाएंगे ।
निर्वाचन आयोग के सूत्रों के मुताबिक सामान्य तौर पर निर्वाचन आयोग किसी राज्य के विधानसभा चुनावों के साथ ही अन्य राज्यों में रिक्त सीटों के लिए भी उपचुनाव सम्पन्न कराता है। अब चूंकि अक्तूबर में तीन राज्यों की नई विधानसभा के लिए चुनाव होने हैं, इस कारण केदारनाथ सहित अन्य राज्यों में उपलब्ध रिक्त सीटों के लिए उपचुनाव भी इसी के साथ हो सकते हैं। आयोग के स्तर पर भी तैयारियां पूरी हैं।
