पीएम मोदी ने शुक्रवार 13 जनवरी 2023 को गंगा विलास क्रूज को हरी झंडी दिखाकर काशी से डिब्रूगढ़ के लिए रवाना किया। साथ ही वाराणसी में टेंट सिटी का उद्घाटन भी किया। केवल इतना ही नहीं इस आयोजन के दौरान पीएम मोदी ने करीब 1000 करोड़ रुपए से अधिक की कई अन्य अंतर्देशीय जलमार्ग परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया।कई विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में यह क्रूज अतुल्य भारत का सुनहरा भविष्य तय करेगा।
इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि गंगा हमारे लिए सिर्फ जलधारा भर नहीं है। गंगा भारत की तप-तपस्या की साक्षी भी है। भारत की स्थितियां और परिस्थितियां कैसी भी रही हों, मां गंगे ने हमेशा कोटि-कोटि भारतीयों को पोषित किया है, प्रेरित किया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज मेरी काशी से डिब्रूगढ़ के बीच दुनिया की सबसे लम्बी जलयात्रा गंगा विलास क्रूज का शुभारंभ हुआ है। पीएम मोदी ने कहा कि इस क्रूज में सवार विदेशी टूरिस्ट साथियों से कहूंगा कि भारत के पास सब कुछ है। इंडिया को शब्दों में डिफाइन नहीं किया जा सकता है। इंडिया को अनुभव किया जा सकता है। यह क्रूज यात्रा एकसाथ नए अनुभव लेकर आने वाली है। क्रूज में सवार टूरिस्टों को हिंदुस्तान की धर्म, कला, संस्कृति, पर्यावरण, नदियों और समृद्ध खानपान से रूबरू होने का अवसर मिलेगा।
51 दिनों के एडवेंचर सफर पर निकलेगा क्रूज
बताना चाहेंगे एमवी गंगा विलास क्रूज ने आज वाराणसी से अपनी यात्रा शुरू की है जो आगामी 51 दिनों में लगभग 3,200 किलोमीटर की यात्रा तय करके बांग्लादेश के रास्ते असम के डिब्रूगढ़ पहुंचेगा। 51 दिनों के एडवेंचर सफर पर निकला दुनिया का सबसे लंबे जलमार्ग पर चलने वाला गंगा विलास क्रूज बांग्लादेश से गुजरने के बाद असम में बह्मपुत्र नदी से डिब्रूगढ़ पहुंचेगा। इस बीच यह क्रूज भारत और बांग्लादेश को पार करते हुए अपनी मंजिल पर पहुंचेगा।
काशी से डिब्रूगढ़ जाएगा क्रूज
अपनी यात्रा के दौरान गंगा विलास क्रूज उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, बांग्लादेश और असम के कुल 27 रिवर सिस्टम से होकर गुजरेगा। इसका सीधा फायदा इन राज्यों को होने वाला है। इससे राज्यों के पर्यटन और व्यापार दोनों को लाभ मिलेगा। वही भारत के पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश की भी इससे आमदनी होगी।
