Mahashivratri 2025: महाशिवरात्रि पर भगवान शिव की पूजा से दूर होंगे कष्ट, घर में आएगी सुख समृद्धि
26 को मनाई जाएगी महाशिवरात्रि, जलाभिषेक करते समय करे ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप
अल्मोड़ा। फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाने वाली महाशिवरात्रि इस बार 26 फरवरी को है। भोलेनाथ की पूजा के लिए महाशिवरात्रि को सबसे उत्तम दिन माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन की पूजा और मंत्र जाप से भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं। शिवलिंग पर जलाभिषेक करते समय ओम नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।
अल्मोड़ा के जैंती तहसील के सूरी निवासी पंडित पीतांबर गुरुरानी ने बताया कि फाल्गुन माह की शिवरात्रि का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान शिव की पूजा से साधक को पुण्य फल मिलता है। महाशिवरात्रि पर ओम नम: शिवाय मंत्र के नियमित रूप से 108 बार जाप करने से व्यक्ति का मन और मस्तिष्क शांत होता है, साथ ही भगवान शिव की कृपा भी प्राप्त होती है। पंडित पीतांबर के मुताबिक बेल पत्र भगवान शिव का प्रिय माना जाता है। इसे शिवलिंग पर अर्पित करने से भगवान शिव तो प्रसन्न होते ही हैं साथ ही साधक के कष्ट भी दूर होते हैं। बेल पत्र हमेशा तीन पत्तों वाला होना चाहिए। तीन से कम पत्तों वाला बेल पत्र अर्पित न करें। बेल पत्र को हमेशा विषम संख्या में अर्पित करें। शिवपुराण के अनुसार चतुर्थी, अष्टमी, नवमी, चतुर्दशी, अमावस्या, संक्रांति और सोमवार को बेल पत्र तोड़ना निषिद्ध है।
क्या अर्पित करें
-गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करने से पाप नष्ट होते हैं।
-दूध को शिवलिंग पर अर्पित करने से मानसिक शांति, दही अर्पित करने से जीवन में समृद्धि आती है।
-शिवलिंग पर घी अर्पित करने से रोगों से निजात मिलती है।
-शिवलिंग पर चावल अर्पित करने से धन और समृद्धि आती है।
क्या अर्पित न करें
-हल्दी शिवलिंग पर अर्पित नहीं करनी चाहिए।
-तुलसी को भी शिवलिंग पर नहीं चढ़ाना चाहिए।
-केतकी का फूल शिवलिंग पर अर्पित न करें।
-शिवलिंग की परिक्रमा करते समय जलधारी को न लांघें।
