चार लोगों से सवा दो करोड़ की ठगी, साइबर ठगी का बड़ा खुलासा
उत्तराखंड । देहरादून राजधानी में साइबर ठगों ने अलग-अलग तरीकों से चार लोगों से कुल सवा दो करोड़ रुपये की ठगी कर ली। इन मामलों में दो वरिष्ठ नागरिकों को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर लाखों रुपये हड़पे गए। साइबर थाने के डिप्टी एसपी अंकुश मिश्रा ने बताया कि चारों मामलों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पटेलनगर के लखीराम को फेसबुक पर एक महिला ने फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। उसने खुद को नीदरलैंड स्थित जॉनसन एंड जॉनसन कंपनी की सीनियर मैनेजर जैनसन हेलेना बताया। 7 जून से उसने उपहार भेजने का झांसा दिया और फर्जी लॉजिस्टिक कंपनी की ट्रैकिंग आईडी भेजी।
बाद में खुद को कस्टम एजेंट बताने वाले व्यक्ति ने मुंबई से संपर्क कर 15,000 रुपये मांगे। इसके बाद विभिन्न शुल्कों के नाम पर लखीराम से 24 लाख रुपये और फिर ब्लैकमेल कर कथित सब-इंस्पेक्टर और एडीजीपी के नाम पर 4.10 लाख रुपये वसूले गए।
कुल मिलाकर पीड़ित 29 लाख रुपये गंवा बैठा।
वहीं रुड़की निवासी वरिष्ठ नागरिक सत्यबीर सिंह को 28 मई को एक व्यक्ति ने वीडियो कॉल कर खुद को CBI अधिकारी बताया। उसने कहा कि सत्यबीर के नाम से मनी लांड्रिंग हो रही है और उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया जा रहा है। पहचान सत्यापन के नाम पर सभी बैंक खातों की रकम ट्रांसफर करने को कहा गया।
डर के कारण सत्यबीर सिंह ने एसबीआई से 8.60 लाख रुपये का पेंशन लोन लिया और 7 से 11 जुलाई के बीच 21.30 लाख रुपये की ठगी का शिकार हो गए।
वहीं अन्य मामले में शिकायतकर्ता 78 वर्षीय विजेंद्र कुमार निवासी कनखल, हरिद्वार ने बताया कि वह सिंचाई विभाग मध्य गंगा नहर परियोजना उत्तर प्रदेश अलीगढ़ से अधीक्षण अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हैं। वह अपनी पत्नी अंजना गोयल के साथ विष्णु गार्डन गुरुकुल कांगड़ी कनखल जिला हरिद्वार में निवास करते हैं। उनकी पत्नी कैंसर रोग से पीड़ित है।नौ जुलाई को वह हरिद्वार कोषागार में अपनी कार से जा रहा था तभी दोपहर तीन बजे उनके मोबाइल पर फोन आया। काल करने वाले ने बताया कि वह मुंबई थाने से एसपी रैंक का अधिकारी बात कर रहा है। कहा कि आप नरेश गोयल जोकि जेट एयरवेज के मालिक हैं के साथ मिलकर मनी लांड्रिंग का काम करता है। इस काम के लिए नरेश गोयल ने आपके खाते में छह करोड़ रुपये डाले हैं।जब उन्होंने कहा कि वह किसी नरेश गोयल को नहीं जानते तो उन्होंने धमकाते हुए कहा कि हम आपको अरेस्ट करवाकर तत्काल मुंबई बुला लेंगे। अच्छा यही है कि आप तत्काल अपने घर जाएं और अपनी पत्नी को अपने पास बिठा लें तब हम आपको वीडियो काल करते हैं। पीड़ित ने बताया कि वह पूरी तरह से घबरा गए और घर जाकर अपनी पत्नी को साथ बैठ गए। वीडियो कॉल आई और उन्हें 24 घंटे डिजीटल अरेस्ट कर सभी बैंकों की बैंकों की डिटेल मांगी गई।उन्होंने सभी बैंक खातों व एफडी के बारे में जानकारी दे दी। इसके बाद आरोपितों ने कहा कि उनके खातों में जो धनराशि है सभी भेजनी पड़ेगी ताकि वह खातों की जांच कर सकेंगे। पीड़ित ने सभी एफडी तुड़वाई और सभी बैंक खातों में 1. 45 लाख रुपये की धनराशि ट्रांसफर कर दी। आरोपितों ने कहा कि जांच के बाद धनराशि 48 घंटे में वापस की जाएगी, लेकिन अब तक धनराशि वापस नहीं आई।
पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को साइबर अपराध के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।
