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    उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों को इसबार भी राज्यस्थापना के रजत जयंती समारोह के शुभारम्भ के अवसर पर नहीं किया आमंत्रित

    उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों को इसबार भी राज्यस्थापना के रजत जयंती समारोह के शुभारम्भ के अवसर पर नहीं किया आमंत्रित

    हरिद्वार। उत्तराखण्ड राज्य स्थापना दिवस, सहित सभी राष्ट्रीय पर्वों पर आयोजित जनपद स्तरीय कार्यक्रमों में हर बार की छले और ठगे जा रहे उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलनकारियों को इसबार भी राज्यस्थापना के रजत जयंती समारोह के शुभारम्भ के अवसर पर ससम्मान आमंत्रित नहीं किया गया।

    बीती रोज रोड़ीबेलवाला में राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष में तीन दिवसीय देवभूमि रजत उत्सव का शुभारंभ हुआ किन्तु प्रशासन ने चिन्हित राज्य आन्दोलनकारियों के कुछ प्रतिनिधियों को ही आमंत्रण के ब्लेंक कार्ड देकर कर्तव्य की इतिश्री कर ली। अन्य आन्दोलनकारियों के रजत जयंती कार्यक्रम आरंभ होने के दूसरे दिन तक भी आमंत्रण नहीं मिला, न ही उन्हें फोन किया गया। जिस कारण राज्य आन्दोलन में अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले अधिकांश राज्य आंदोलनकारी उद्घाटन के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम से प्रतिभाग करने से वंचित रहे। इस पर अनेक चिन्हित राज्य आन्दोलनकारियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की है।

    आयोजन के दूसरे दिन शुक्रवार 31 अक्टूबर को तहसील हरिद्वार ने अपनी गलती सुधारने के लिए पटवारियों के माध्यम से आन्दोलनकारियों को सांय 5 बजे कार्यक्रम में आमंत्रित करते हुए सुबह से ही फोन करने शुरू किये गये। इस पर कई लोगों ने 30 अक्टूबर को कार्यक्रम आरंभ होने से समय पूर्व सूचना न मिलने पर अपनी नाराजगी भी व्यक्त की है।

    गौरतलब है कि इस बार रोड़ी बेलवाला में सूचना एवं लोक संपर्क विभाग की ओर से देवभूमि रजत उत्सव आयोजन किया जा रहा है। जिला सूचना कार्यालय हरिद्वार द्वारा 30 अक्टूबर के कार्यक्रम से पूर्व हरिद्वार तहसील को 250 कार्ड उपलब्ध करा दिये थे। तहसील में 218 चिन्हित राज्य आन्दोलनकारी सम्मान पेंशन की पात्रता रखते हैं। लेकिन तहसील हरिद्वार के माध्यम से अधिकांश आंदोलनकारियों को न तो आमंत्रण पत्र पहुंचे और न ही विधिवत कार्यक्रम की सूचना प्राप्त हुई। पत्रकार एवं राज्य आन्दोलनकारी त्रिलोक चन्द्र भट्ट, प्रेस क्लब के पूर्व महासचिव डॉ0 प्रदीप जोशी, राज्य आन्दोलनकारी संयुक्त संघर्ष समिति के अध्यक्ष हर्ष प्रकाश काला ने प्रशासन की इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे राज्य आन्दोलनकारियों को अपमान बताया। उन्होंने कहा कि राज्य आन्दोलनकारियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित करना और सूचना देना प्रशासन की जिम्मेदारी बनती है।

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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