उत्तराखण्ड विद्यालयी शिक्षा परिषद्, रामनगर में बोर्ड परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन को लेकर मूल्यांकन पूर्व गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता परिषद के सभापति डॉ. मुकुल कुमार सती ने की।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेशभर में उत्तरपुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए 29 केंद्र बनाए गए हैं। मूल्यांकन कार्य 27 मार्च से 10 अप्रैल 2026 के बीच संपन्न होगा। इसके लिए हाईस्कूल में 1457 परीक्षक, 160 उप प्रधान परीक्षक और 320 अंकेक्षक तथा इंटरमीडिएट में 1298 परीक्षक, 143 उप प्रधान परीक्षक और 284 अंकेक्षकों की नियुक्ति की गई है।
गोष्ठी में मूल्यांकन प्रक्रिया को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश दिए गए। सचिव विनोद प्रसाद सिमल्टी ने बैठक के उद्देश्य और जिम्मेदारियों पर प्रकाश डाला। वहीं संयुक्त सचिव सी.पी. रतूड़ी, उप सचिव सुषमा गौरव तथा अन्य अधिकारियों ने परीक्षकों, उप नियंत्रकों, पर्यवेक्षकों और अंकेक्षकों के कर्तव्यों व मूल्यांकन प्रक्रिया की जानकारी दी।बैठक में विभिन्न जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, मूल्यांकन केंद्रों के प्रधानाचार्य, पर्यवेक्षक एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

