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    New financial year 2026-27 आज से लागू हुए 8 बड़े बदलाव

    Byswati tewari

    Apr 1, 2026

    आज यानी 1 अप्रैल 2026 से नए वित्त वर्ष 2026-27 की शुरुआत हो गई है और इसके साथ ही आम लोगों की जिंदगी और जेब पर असर डालने वाले कई अहम बदलाव लागू हो गए हैं। इन बदलावों में आयकर नियमों से लेकर सैलरी स्ट्रक्चर, रेलवे टिकट, फास्टैग और डिजिटल पेमेंट तक कई बड़े फैसले शामिल हैं।

    सबसे बड़ा बदलाव टैक्स व्यवस्था में हुआ है। अब पुराने आयकर अधिनियम 1961 की जगह ‘आयकर अधिनियम 2025’ लागू हो गया है। नए सिस्टम में ‘असेसमेंट ईयर’ और ‘प्रीवियस ईयर’ जैसे जटिल शब्दों को हटाकर ‘टैक्स ईयर’ की शुरुआत की गई है, जिससे करदाताओं के लिए प्रक्रिया सरल हो जाएगी।वहीं, नए लेबर कोड लागू होने की स्थिति में कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव देखने को मिल सकता है। बेसिक सैलरी को कुल सीटीसी का कम से कम 50% करना अनिवार्य होगा। इससे पीएफ और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी होगी, लेकिन हर महीने मिलने वाली टेक-होम सैलरी कम हो सकती है। हालांकि, लंबे समय में कर्मचारियों को इसका फायदा मिलेगा।

    एचआरए (हाउस रेंट अलाउंस) पर टैक्स छूट के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अब किराए पर रहने वाले कर्मचारियों को मकान मालिक का पैन कार्ड और भुगतान का प्रमाण देना अनिवार्य होगा, तभी उन्हें टैक्स में छूट मिलेगी।

    हाईवे पर सफर करने वालों के लिए भी खर्च बढ़ गया है। FASTag के एनुअल पास की कीमत 3,000 रुपये से बढ़ाकर 3,075 रुपये कर दी गई है। यह पास एक साल या 200 टोल क्रॉसिंग (जो भी पहले हो) तक वैध रहेगा।

     

     

     

     

     

    रेलवे यात्रियों के लिए टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बदलाव किया गया है। अब ट्रेन छूटने के समय के हिसाब से रिफंड तय होगा। 8 घंटे से कम समय में टिकट रद्द करने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा, जबकि 72 घंटे से पहले रद्द करने पर कम कटौती होगी। साथ ही, अब यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं।

    लोन लेने वालों के लिए भी बड़ा बदलाव हुआ है। अब बैंक और वित्तीय संस्थान कर्ज से जुड़ी जानकारी हर हफ्ते क्रेडिट एजेंसियों को भेजेंगे। इससे क्रेडिट स्कोर अधिक तेजी से अपडेट होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

    पैन कार्ड बनवाने के नियम भी बदल गए हैं। अब केवल आधार कार्ड को जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदकों को जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट या पासपोर्ट देना अनिवार्य होगा।

    सोने में निवेश करने वालों के लिए भी नियम बदले हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) यदि सेकेंडरी मार्केट से खरीदे गए हैं, तो अब उन पर 12.5% लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा। जबकि सीधे आरबीआई से खरीदे गए बॉन्ड को मैच्योरिटी तक रखने पर टैक्स छूट जारी रहेगी।इसके अलावा, एलपीजी सिलिंडर के दामों में भी बढ़ोतरी हुई है। कमर्शियल सिलिंडर की कीमत में करीब 218 रुपये तक का इजाफा हुआ है। दिल्ली में अब यह सिलिंडर 2078.50 रुपये में मिलेगा, जो पहले 1883 रुपये का था।

     

     

     

    डिजिटल पेमेंट को सुरक्षित बनाने के लिए भी नए नियम लागू किए गए हैं। अब यूपीआई और कार्ड ट्रांजैक्शन में टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे फ्रॉड की घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

     

    By swati tewari

    working in digital media since 5 year

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