🚨 अल्मोड़ा BSNL में आउटसोर्स कर्मचारियों का फूटा गुस्सा: 9 महीने से वेतन नहीं, श्रम कानूनों की उड़ी धज्जियां!
अल्मोड़ा। डिजिटल इंडिया के इस दौर में दूसरों का नेटवर्क चालू रखने वाले कर्मचारी खुद आज दाने-दाने को मोहताज हैं। भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) अल्मोड़ा में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों का सब्र अब टूट चुका है। विभागीय अनदेखी और ठेकेदारों की मनमानी के खिलाफ कर्मचारियों ने आर-पार की लड़ाई का एलान कर दिया है।
कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग में उनका जमकर आर्थिक शोषण किया जा रहा है और विरोध करने पर सिर्फ खोखले आश्वासन मिल रहे हैं।
📌 खबर की बड़ी बातें:
न्यूनतम वेतन का उल्लंघन: सरकारी नियमों के मुताबिक कर्मचारियों का न्यूनतम दैनिक वेतन ₹522.52 तय है, लेकिन ठेकेदारों द्वारा उन्हें हर महीने सिर्फ ₹9,000 के आस-पास थमाया जा रहा है, जो सीधे तौर पर श्रम कानूनों का उल्लंघन है।
9 महीने से सैलरी गायब: बीटीएस (BTS) कार्यों से जुड़े कई कर्मचारियों को पिछले 9 महीनों से वेतन नहीं मिला है। हद तो यह है कि अप्रैल 2026 का वेतन भी मई के आखिरी हफ्ते तक नहीं मिल पाया है।
PF और ESI में बड़ा खेल: ‘जय श्री राम’ और ‘मोहन मशीनरी’ जैसी पुरानी फर्मों पर कर्मचारियों का पीएफ (PF) जमा न करने का गंभीर आरोप है। रिकॉर्ड अपडेट न होने से कर्मचारी बीमारी या इमरजेंसी में ईएसआई (ESI) सुविधा का लाभ भी नहीं ले पा रहे हैं।
अधिकारियों की रहस्यमयी चुप्पी: पीड़ित कर्मचारी लगातार विभागीय दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।
“कर्ज लेकर चल रहा है परिवार”
कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से सैलरी न मिलने के कारण उनके सामने घर चलाने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। बच्चों की स्कूल फीस, राशन और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उन्हें भारी कर्ज लेना पड़ रहा है, जिससे उनका मनोबल पूरी तरह टूट चुका है।
उग्र आंदोलन की चेतावनी
परेशान कर्मचारियों ने विभाग को साफ चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनके लंबित वेतन का भुगतान नहीं हुआ और पीएफ-ईएसआई धांधली की उच्चस्तरीय जांच नहीं की गई, तो वे काम ठप कर उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बीएसएनएल प्रबंधन और ठेकेदारों की होगी।

