• Fri. May 29th, 2026

छात्राओं, अभिभावकों और स्कूली स्टाफ को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा एवं नशे के दुष्प्रभावों के उत्तराखंड पुलिस ने किया जागरूक।

छात्राओं, अभिभावकों और स्कूली स्टाफ को साइबर अपराध, महिला सुरक्षा एवं नशे के दुष्प्रभावों के प्रति किया जागरूक

अल्मोड़ा पुलिस का व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी, GGIC बालिका विद्यालय में आयोजित PTM में दी महत्वपूर्ण जानकारियां

डिजिटल अरेस्ट, साइबर ठगी, मानव तस्करी, पोक्सो एक्ट और सड़क सुरक्षा पर पुलिस ने किया जागरूक

श्री चंद्रशेखर घोडके, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा के निर्देशन में जनपद के समस्त कोतवाली/थाना प्रभारियों द्वारा स्कूलों, कॉलेजों, नगर, कस्बों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों की रोकथाम तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

 

इसी क्रम में दिनांक 29.05.2026 को अपर पुलिस अधीक्षक अल्मोड़ा श्री हरबन्स सिंह के मार्गदर्शन एवं सीओ अल्मोड़ा श्री बलवंत सिंह के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक यातायात श्री हयात सिंह की मौजूदगी में कोतवाली अल्मोड़ा एवं महिला कोतवाली पुलिस टीम द्वारा *राजकीय बालिका इंटर कॉलेज अल्मोड़ा में आयोजित पैरेंट्स-टीचर मीटिंग (PTM) के दौरान छात्राओं, उनके अभिभावकों एवं विद्यालय स्टाफ को विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर जागरूक किया गया।

 

कार्यक्रम के दौरान पुलिस टीम द्वारा बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करते हुए डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, OTP एवं बैंक डिटेल साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया अकाउंट हैकिंग, संदिग्ध लिंक, फर्जी लोन एवं इनाम के झांसे जैसी साइबर ठगी के तरीकों के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। उपस्थित लोगों को बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत अथवा बैंकिंग जानकारी साझा न करें तथा किसी भी संदिग्ध साइबर घटना की सूचना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1933 पर दें।

 

पुलिस टीम द्वारा छात्राओं, अभिभावकों एवं विद्यालय स्टाफ को एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव तस्करी) से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां देते हुए बताया गया कि मानव तस्करी अपराध का गंभीर स्वरूप है, जिसमें लालच, नौकरी, विवाह अथवा अन्य प्रलोभनों के माध्यम से युवाओं एवं बच्चों को निशाना बनाया जाता है। सभी को सतर्क रहने तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने हेतु प्रेरित किया गया।

 

इसके अतिरिक्त छात्राओं को गौरा शक्ति ऐप के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि यह ऐप महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के लिए उपयोगी माध्यम है, जिसके जरिए आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता प्राप्त की जा सकती है।

 

कार्यक्रम में उपस्थित छात्राओं को पोक्सो अधिनियम (POCSO Act) के संबंध में भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई। पुलिस टीम द्वारा बच्चों के अधिकार, ऑनलाइन शोषण से बचाव, बाल सुरक्षा तथा किसी भी प्रकार के उत्पीड़न की स्थिति में निडर होकर शिकायत करने के लिए प्रेरित किया गया। छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112 एवं चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 की जानकारी भी दी गई।

 

साथ ही छात्र-छात्राओं एवं स्थानीय युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए बताया गया कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य, परिवार एवं समाज पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। पुलिस द्वारा युवाओं से नशे से दूर रहने तथा अपने आसपास हो रही किसी भी नशे से संबंधित गतिविधि की सूचना मानस हेल्पलाइन 1933 पर देने की अपील की गई। यह भी बताया गया कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है।

 

प्रभारी निरीक्षक यातायात श्री हयात सिंह द्वारा विद्यार्थियों को यातायात नियमों की जानकारी देते हुए सड़क सुरक्षा नियमों का सदैव पालन करने हेतु प्रेरित किया गया। उन्होंने दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग न करने, सीट बेल्ट लगाने तथा ट्रैफिक नियमों का पालन करने की अपील की।

By D S Sijwali

Work on Mass Media since 2002 ........

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You missed