किसी ने सच ही कहा है, जिस तरह मंदिर मे भगवान होते है, उसी तरह हॉस्पिटल मे डॉक्टर ही हमारे भगवान होते है। ऐसा ही एक मामला अल्मोड़ा जिले में सामने आया।यहाँ के डिस्ट्रिक्ट अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक सर्जन डॉ. पीके सिन्हा ने वृद्ध महिला के पेट से आठ किलो का ट्यूमर निकाला।
खास बात ये है कि जिला अस्पताल में कम संसाधनों के बावजूद पहली बार इस तरह का जटिल ऑपरेशन किया गया। जिससे चिकित्सक काफी उत्साहित हैं। आपरेशन के बाद बुजुर्ग मरीज स्वस्थ है। शीघ्र ही उन्हें घर भेज दिया जाएगा। शुक्रवार को सर्जन डॉ. सिन्हा ने उनका ऑपरेशन किया। उनके पेट से आठ किलो का ट्यूमर निकाला। बुजुर्ग महिला स्वस्थ है। उनका पूरा इलाज नि:शुल्क किया गया। बुजुर्ग के स्वजनों ने चिकित्सकों का आभार जताया। डॉ. सिन्हा ने बताया कि संसाधनों की कमी तो है ही, लेकिन अगर मन में इच्छा हो तो कुछ भी असंभव नहीं है।
गौरतलब है कि 15 दिन पूर्व दुनाड़ गांव निवासी पार्वती देवी (70 वर्ष) इलाज के लिए महिला चिकित्सालय पहुंची। वह बीते 10 वर्ष से बच्चेदानी में गांठ से पीड़ित थी। पर्याप्त संसाधन नहीं होने पर बुजुर्ग को महिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। लेकिन बाहरी क्षेत्र में इलाज के लिए संसाधन नहीं होने के कारण बुजुर्ग दवाई लेकर वापस अपने घर चले गई। उसके बाद जब दिक्कत बढ़ने लगी तो बुजुर्ग महिला इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंची। यहां उन्होंने प्रमुख चिकित्साधीक्षक सर्जन डॉ. पीके सिन्हा को दिखाया। उन्होंने उनका चेकअप कर 10 दिन की दवा दी और उसके बाद ऑपरेशन के लिए कहा था।
डॉक्टर शामिल रहे
इलाज करने वाले चिकित्सकों की टीम में डॉ. सौरभ सिंह, डॉ. मनोरंजन पंत, डॉ. कविता, डॉ. इन्दु पुनेठा शामिल थे।
